बिहार : महागठबंधन में अब ‘भोजन के टेबल’ पर मान-मनौवल का दौर शुरू

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बिहार में महागठबंधन में शामिल दलों में अब मान-मनौवल का दौर प्रारंभ हो गया है। महागठबंधन में शामिल दल अब भोजन के टेबल और चाय पर चर्चा कर रूठे दलों को मनाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। हालांकि अब तक बात बनती नहीं दिख रही है।

कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष अखिलेश सिंह सभी ने बुधवार रात पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर पहुंचकर रात्रि भोजन के टेबल पर राजनीति की बातें की, तो गुरुवार दोपहर में विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय पहुंचे और दोपहर भोज का आनंद लिया।

इसके बाद गुरुवार शाम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हिंदुस्तान अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी के आवास पहुंचे और वहां चाय पर चर्चा हुई। हालांकि इन मुलाकातों को लेकर किसी भी नेता ने अपना मुंह नहीं खोला है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस मुकेश सहनी को ज्यादा तरजीह देने के मूड में नहीं है।

इधर, मांझी भी अब तक समन्वय समिति की मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। मांझी लगातार महागठबंधन में समन्वय बनाने को लेकर समिति की मांग करते हुए महागठबंधन छोड़ने तक की धमकी दे रहे हैं।

महागठबंधन के नेता हालांकि सभी मुद्दों पर 15 दिनों के अंदर स्थिति साफ होने की बात कर रहे हैं। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी छोटे दलों को तरजीह देने के मूड में नहीं है, क्योंकि छोटे दल एक-दो से ज्यादा सीट जीतने की स्थिति में नहीं दिख रहे हैं। यही हाल राजद नेतृत्व का भी है। राजद और कांग्रेस की सोच के कारण छोटे दल असमंजस की स्थिति में पहुंच गए हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार कहते हैं कि कांग्रेस सभी सहयोगी दलों से बातचीत कर रही है। उन्होंने दबे जुबान से सहयोगी दलों में कुछ नाराजगी की बात स्वीकार की, लेकिन साथ में उन्होंने यह भी कहा है कि सबकुछ एक पखवारे के अंदर साफ हो जाएगा। उन्होंने दावे के साथ कहा कि महागठबंधन में कहीं कोई भेद नहीं है।

राजद की विधायक और प्रवक्ता एज्या यादव भी कहती हैं कि राजद सांप्रदायिक शक्तियों को सत्ता से हटाने के लिए मुहिम प्रारंभ कर चुकी है। उन्होंने कहा कि “महागठबंधन के सहयेागी दल एक दूसरे से विचार-विमर्श कर रहे हैं। इसमें कहीं भी कोई अलग नहीं है। राजद सांप्रदायिक शक्तियों को सत्ता से दूर करने के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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