बिहार : बीएयू के विद्यार्थी अमेरिका, इंग्लैंड जाकर कर सकेंगे शोध

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भागलपुर जिला स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के विद्यार्थियों को अब अमेरिका और इंग्लैंड के शिक्षक आकर पढ़ाएंगे। यही नहीं, विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी अब विदेशी संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ साझा तौर पर शोध कर सकेंगे। विश्वविद्यालय का कहना है कि इस क्रम में बीएयू व विदेशी विश्वविद्यालय के छात्र एक-दूसरे के संस्थानों का दौरा भी करेंगे। बिहार कृषि विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी और प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ़ आऱ क़े सोहाने ने आईएएनएस को बताया कि बीएयू अमेरिका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और इंग्लैंड के ग्रीनविच विश्वविद्यालय से करार करेगा।

सोहाने ने कहा कि “बिहार एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रिफॉर्म इनिसिएटिव योजना के तहत इस करार के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान से भी सहमति ली जाएगी। सहमति मिलने के बाद सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।”

सोहाने का दावा है कि इस करार के बाद यहां के विद्यार्थी और शोधार्थी विदेशी तकनीक से भी रूबरू हो सकेंगे।

विश्वविद्यालय के एक वैज्ञानिक के अनुसार, ग्रीनविच विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक बीएयू का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि “विश्वविद्यालय में लगातार शोध हो रहे हैं। किसानों और राज्य की जरूरतों के मुताबिक शोध की प्राथमिकता होती है। आज जलवायु परिवर्तन के दौर में कृषि में बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही है।”

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की रैंकिंग में बीएयू ने पूर्वी भारत में प्रथम और देश में 18वां स्थान प्राप्त किया है। यह रैंकिंग शिक्षण, शोध एवं प्रसार सहित अन्य उपलब्धियों पर आधारित होती है। वर्ष 2016 की वरीयता सूची में बीएयू को 24वां और 2017 में 21वां स्थान मिला था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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