बिहार : दिवंगत प्रधानमंत्री के नाम पर ‘अटल निबंध प्रतियोगिता’

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बिहार के पूर्णिया जिले से पूर्व सांसद उदय सिंह ने निबंध और कविता के माध्यम से छात्रों को दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन के अनछुए पहलुओं से परिचित कराने के लिए ‘अटल निबंध प्रतियोगिता’ की घोषणा की। यह प्रतियोगिता बिहार के पूर्णिया, अररिया, कटिहार और किशनगंज जिले में मैथिली, हिंदी और इंग्लिश में आयोजित की जाएगी। पूर्व सांसद उदय सिंह ने बताया, “निबंधों की जांच के लिए पूर्णिया यूनिवर्सिटी के कुलपति अपनी सहमति दे चुके हैं। यह प्रतियोगिता पूर्णिया ही नहीं, बल्कि सीमांचल के अन्य जिलों अररिया, कटिहार और किशनगंज में भी होगी। यह प्रतियोगिता मैथिली, हिंदी, अंग्रेजी में होगी।”

यह प्रतियोगिता पूर्व सांसद उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह की अध्यक्षता में पूर्णिया लोकसभा विकास परिषद के तत्वाधान में होगी। प्रतियोगिता स्कूल और कॉलेज स्तर पर आयोजित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागी को पुरस्कृत किया जाएगा। इस दो स्तरीय प्रतियोगिता में सीनियर और जूनियर ग्रुप होंगे। सीनियर ग्रुप में निबंध लेखन 2500 शब्दों का होगा, जबकि जूनियर ग्रुप में 1500 शब्दों में अटल पर निबंध लिखना होगा।

निबंध की जांच विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ प्राध्यापकों की जूरी द्वारा कराई जाएगी। निबंध लेखन अटल जी के संदर्भ में लिखा जाना जरूरी होगा। दोनों वर्ग के प्रतिभागी में से एक-एक को ‘सर्वश्रेष्ठ अटल पुरस्कार’ दिया जाएगा, बाकी के दोनों वर्ग में चुने गए तीन-तीन श्रेष्ठ प्रतिभागियों को क्रमश: पहला, दूसरा और तीसरा पुरस्कार दिया जाएगा। निबंध लेखन की अवधि विज्ञापन के प्रकाशन की तिथि से 30 दिनों की होगी। जूरी के फैसले पर किसी भी तरह की शिकायत नहीं की जा सकेगी या कोई सवालिया निशान नहीं लगाया जा सकेगा।

पूर्व सांसद ने कहा कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अटल जी के जीवन, उनके विचार और नीतियों से अवगत कराना है। प्रतियोगिता का विषय कौमी एकता, अटल जी का राजनीतिक जीवन, राष्ट्रीय सुरक्षा और महत्व, स्वर्णिम चतुर्भुज योजना से आर्थिक विकास में सहयोग आदि होगा। इस अवसर पर कविता लेखन भी कराया जाएगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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