बिहार : स्नान के दौरान तालाब, नदी में डूबने से 7 बच्चों की मौत

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बिहार के मुजफरपुर जिले में दो अलग-अलग क्षेत्रों में शुक्रवार को स्नान करने गए सात बच्चों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। इनमें से तीन एक ही परिवार के बताए जाते हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सकरा थाना क्षेत्र में विशुनपुर बघनगरी गांव में एक तालाब में डूबने से चार बच्चियों की मौत हो गई है। एक साथ एक ही गांव की चार बच्चियों की मौत होने से गांव में मातम पसर गया है।

बिशुनपुर बघनगरी की रहने वाली चार सहेलियां गांव के ही समीप एक तालाब में स्नान करने गई थीं। इसी क्रम में सभी गहरे पानी में चली गईं, जिससे चारों की मौत हो गई। सभी बच्चियों के शव को स्थानीय लोगों की मदद से तालाब से बरामद कर लिया गया है।

मृतकों में झगरू साह की पुत्री खुशबू कुमारी, मोहम्मद मंजूर की पुत्री राजिया खातून (13), मोहम्मद नथुनी की बेटी अजमेरी खातून (13) और मोहम्मद सम्मुला की बेटी नाजमी खातून (12) शामिल हैं।

इधर, मीनापुर थाना क्षेत्र में रामपुर हरी गांव में बागमती नदी में स्नान के दौरान डूबने से एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, एक ही परिवार के तीन बच्चे बागमती नदी में स्नान करने गए थे। स्नान के दौरान सभी गहरे पानी में चले गए और तीनों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में अभिषेक (12) और उसकी बहन मुस्कान (10) तथा शिवानी (8) शामिल हैं। सभी शवों को पुलिस ने बरामद कर लिया है।

मुजफ्फरपुर के अपर समाहर्ता अतुल कुमार ने बताया कि मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपये बतौर मुआवजा दिया जाएगा।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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