भूपिंदर सिंह हुड्डा ने अनुच्छेद 370 निष्प्रभावी किए जाने का समर्थन किया

0
38

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके भूपिंदर सिंह हुड्डा ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम के रूप में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने के कदम का समर्थन किया।

हुड्डा ने अपने गृहनगर में एक महापरिवर्तन रैली को संबोधित करते हुए कहा कि वह देशभक्ति के मुद्दे पर किसी के साथ समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “यदि सरकार कुछ अच्छा करती है, तो मैं उसका समर्थन करता हूं।”

उन्होंने राज्य में पार्टी का भविष्य तय करने के लिए एक 25 सदस्यीय समिति भी घोषित की, जिसमें उनसे करीबी रखने वाले 13 विधायक शामिल हैं। उन्होंने कहा, “चूंकि यह मुद्दा (कांग्रेस में रहने या न रहने) लोगों के भविष्य से जुड़ा है, लिहाजा मैं अकेले निर्णय नहीं ले सकता।”

उन्होंने कहा कि 25 सदस्यीय समिति का निर्णय बाद में चंडीगढ़ में घोषित किया जाएगा।

यह कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को एक स्पष्ट संकेत है कि या तो वह राज्य की बागडोर हुड्डा को सौंप दे, अन्यथा विधानसभा चुनाव से पहले उनकी राह अलग हो जाएगी। चुनाव इस साल के अंत में होना है।

ऐसे कयास हैं कि हुड्डा और उनके पुत्र दीपेंद्र सिंह हुड्डा कांग्रेस छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा है कि पार्टी हाईकमान ने उन्हें दरकिनार कर दिया है। दोनों या तो शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) में शामिल हो सकते हैं या खुद की पार्टी बना सकते हैं।

एक दिन पहले हुड्डा की शीर्ष कांग्रेस नेताओं से नई दिल्ली में बंद कमरे में बातचीत हुई थी। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि वे पार्टी छोड़ने का निर्णय जल्दबाजी में न लें, क्योंकि पार्टी ने उन्हें हमेशा महत्व दिया है।

हरियाणा की मुख्य विपक्षी दल, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के अधिकांश विधायक और नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो रहे हैं, वहीं कांग्रेस अंदरूनी लड़ाई से परेशान है।

कांग्रेस के एक पूर्व मंत्री ने कहा कि किसी राजनीतिक दिशा और एजेंडे के अभाव में कांग्रेस कार्यकर्ता निराश हैं।

न्यूज स्त्रेात आईएएनएस


SHARE
Previous articleऑनलाइन पेमेंट करतें हैं तो इस्तेमाल करें इन सुरिक्षत ऐप्स को…
Next articleएमसीसी के मानद आजीवन सदस्य बने जॉनसन
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here