फीफा यू-17 महिला विश्व कप के लिए भुवनेश्वर को शुरुआती मंजूरी

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भुवनेश्वर को मंगलवार को फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप-2020 की मेजबानी के लिए अस्थायी (प्रोविजनल) मंजूरी मिल गई है। स्थानीय आयोजन समिति ने कहा है कि इस स्थल को अगले साल होने वाले प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए प्रोविजनल मंजूरी दी गई है। यहां मीडिया से बात करते हुए टूर्नामेंट निदेशक रोमा खन्ना ने बताया, “हम भुवनेश्वर शहर को प्रोविजनल मंजूरी देकर खुश हैं और इसे फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप के पहले प्रोविजनल स्थल बनाए जाने की घोषणा करते हैं। मैं इसके लिए ओडिशा को बधाई देती हूं कि वह महिला फुटबाल के एक बड़े टूर्नामेंट का हिस्सा बनने जा रहा है।”

उन्होंने कहा, “हालांकि अभी काम बाकी है और राज्य सरकार को यहां मौजूद स्टेडियम और अभ्यास करने की जगहों को फीफा के मापदंडों के मुताबिक बनाना होगा। लेकिन, राज्य सरकार ने सभी कामों की पूर्ति करने के लिए जो प्रतिबद्धता दिखाई है, उससे हम काफी संतुष्ट हैं।”

ओडिशा में कलिंगा स्टेडियम पहला ऐसा स्थल होगा जो फीफा के टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा।

ओडिशा सरकार के खेल मंत्री तुषारकांति बेहरा ने भी इस पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, “हम इस बात को घोषणा करते हुए काफी खुशी महसूस कर रहे हैं कि भुवनेश्वर को फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप के लिए शुरुआती तौर पर मंजूरी मिल गई है। यह देश में महिलाओं का पहला वैश्विक स्तर का टूर्नामेंट होगा और यह हमारे राज्य के लिए बड़ी बात है।”

उन्होंने कहा, “हमारे प्रदेश की महिलाओं ने हॉकी, रग्बी और बाकी के अन्य खेलों में प्रदेश का मान बढ़ाया है। मुझे विश्वास है कि इस विश्व कप के हिस्से के रूप में फुटबाल लेगेसी प्रोग्राम के तहत हम राज्य में महिला फुटबाल के विकास की मजबूत नींव रख पाएंगे।”

इस साल के अंत तक मेजबान स्थल का अंतिम निरीक्षण किया जाएगा और उसके बाद ही फीफा भुवनेश्वर की मेजबानी पर अंतिम मुहर लगाएगा।

भारत ने इससे पहले 2017 में फीफा अंडर-17 पुरुष विश्व कप की मेजबानी की है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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