‘भारत माता की जय’ ही भक्ति, ‘वंदे मातरम’ का उद्घोष ही शक्ति है : मोदी

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भारत वंदे मातरम का उद्घोष ही जीवन की शक्ति है, परंतु कई लोगों को इसे बोलने में भी परेशानी आती है।’

उन्होंने साथ ही आतंकवाद की चर्चा करते हुए कहा कि आतंकवाद से सबसे ज्यादा नुकसान देश के गरीबों का हुआ है।

दरभंगा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के कारण आज जो पैसे गरीबों के कल्याण में खर्च किए जा सकते थे, उससे बंदूक और सुरक्षा में खर्च करने पड़ते हैं, और इसका नुकसान गरीबों को उठाना पड़ता है।

प्रधानमंत्री ने महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा, “ये लोग कहते हैं कि आतंकवाद कोई मुद्दा ही नहीं है। हमारे पड़ोस में आतंकवाद की फैक्ट्रियां चल रही हैं। पड़ोसी श्रीलंका में 350 मासूम लोगों की इसी आतंकवाद ने जान ले ली और ये महामिलावटी कहते हैं कि आतंकवाद मुद्दा ही नहीं।”

प्रधानमंत्री ने विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए आगे कहा, “आपके लिए आतंकवाद कोई मुद्दा नहीं, लेकिन नए भारत के लिए यह बड़ा मुद्दा है। ये नया हिंदुस्तान है, ये आतंक के अड्डे में घुसकर मारेगा।”

तीन चरणों के मतदान के बाद राजग की बढ़त का दावा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “तीन चरणों के मतदान के बाद ही जो लोग एयर स्ट्राइक पर सबूत मांगते थे वे अचानक गायब हो गए। जो पाकिस्तान का पक्ष ले रहे थे, वे अब मोदी और ईवीएम को गाली देने लगे हैं।”

मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत मैथिली भाषा में करते हुए कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा। उन्होंने कहा कि ‘ये जो लहर है वह ललकार है।’

उन्होंने कहा, “21 वें सदी में पहली बार दिल्ली की सरकार चुन रहे नौजवान इस चुनाव में नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें पुरानी बातें, जात-पात के समीकरण समझ नहीं आते। वे ठान के चले हैं कि 21 वें सदी का भारत उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप हो।”

दरभंगा में राजग की ओर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गोपाल जी ठाकुर को प्रत्याशी बनाया है। दरभंगा में चौथे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा।

न्यूज स्त्रोेत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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