Meghalaya. में अप्रैल से जुलाई के बीच 61 गर्भवतियों, 877 नवजातों की मौत

0

मेघालय में इस साल अप्रैल से जुलाई के बीच चार महीनों में कम से कम 61 गर्भवती महिलाओं और 877 नवजात शिशुओं की मौत हो गई। इसकी वजह कोविड-19 के कारण जारी प्रतिबंध है क्योंकि इस दौरान इन्हें समुचित चिकित्सकीय सेवा नहीं मिल सकी। एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।

मेघालय के स्वास्थ्य निदेशक अमन वार ने आईएएनएस को फोन पर बताया, “गर्भवती महिलाओं और नवजात कोरोना से इतर दूसरे रोगों के कारण मर गए। यह वह वक्त था, जब पूरे प्रदेश के सभी अस्पताल कोरोना से लड़ने में व्यस्त थे।”

एक अन्य अधिकारी ने पहचान जाहिर नहीं होने देने की शर्त पर आईएएनएस से कहा, “गर्भवती महिलाएं और नवजात इसलिए मर गए क्योंकि उन्हें प्रसव और देखभाल के लिए अस्पताल नहीं मिल सके। ये बच्चे निमोनिया, मालन्यूट्रेशन, खून की कमी और जन्म से जुड़े विकारों के कारण मर गए।”

मेघालय की जनसंख्या 30 लाख है और यहां 12 बड़े अस्पताल हैं। इनमें से छह राजधानी शिलांग में स्थित प्राइवेट अस्पताल हैं। इसके अलावा सभी 11 जिला मुख्यालयों में सरकार द्वारा संचालित अस्पताल हैं। साथ ही यहां 29 सामुदायिका स्वास्थ्य सेंटर, 139 प्राइमरी हेल्थ सेंटर और 401 सब सेंटर हैं।

Sushant case : रिया का इंटरव्यू असलियत को बदलने का एक असफल प्रयास था : सुशांत के बहनोई

मेघालय में अब तक कोरोना के 2362 मामले दर्ज हुए हैं। यहां इस महामारी से अब तक 10 लोगों की मौत हुई है। अभी 1261 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleSymptoms of cancer:ल्यूकोप्लाकिया से बढ़ता कैंसर का खतरा, बचाव के लिए जाने इसके लक्षण
Next articleChina में उपभोग से गरीबी उन्मूलन को मिली तेज गति
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here