अगर आप जाना चाहते हैं अजमेर तो जरूर जाएं इन जगहो पर

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अरावली पहाडियों से घिरा ये शहर जो अपनी मशहूर दरगाह जो कि दरगाह शरीफ के नाम से जानी जाती हैं। यह दरगाह सैंट मुईन उद् दीन चिश्टी कि याद मे बनाई गई हैं। अजमेर में एक अनूठा आकर्षण है जो सदियों से प्रचलित लोकाचार और शिल्प कौशल में निहित है। कई पर्यटक जो पुश्कर जाते हैं वो अजमेर मे रुक कर अजमेर मे एक दिन की ट्रिप करके वापस लौटते हैं । तो आईए जानते हैं अजमेर की कुछ मशहुर जगहें –

अजमेर शरीफ दरगाह – अजमेर शरीफ दरगाह भारत की सबसे पाक जगह हैं । ग़रीब नवाज़ मोईन-उद-दीन चिश्ती का अंतिम विश्राम स्थल होने के नाते, इस्लाम के नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को जनता के बीच फैलाने में इसका बहुत बड़ा योगदान रहा है। तीर्थयात्रियों में एक अजीब तरह की आकर्षक सुगंध पूरे समय रहती है, जो विसिट्रस को आध्यात्मिकता के प्रति एक सहज और अगाध आग्रह के साथ प्रेरित करती है, जिससे कुछ महान आत्मा या आकर्षक आध्यात्मिक राजा की उपस्थिति की आभा को जगह मिलती है।

आनासागर लेक – आनासागर लेक एक बनावटी लेक हैं। यह नदी 12 सेनिचुरी मे आनाजी चौहान ने अपने परदादाजी राजा पर्थ्वीराज चौहान । यह नदी 13 कि.मी की दूरी मे फैली हुई हैं। यहां पर मंडप और बगीचे  भी हैं जो कि मुगलों के द्वारा बनवाएं गए हैं।

ढाई दिन का झोपडा – ऐसी अफवाहें है कि ये भारत-मुगल जगह सिर्फ 2 ½ दिन मे बनाई गई थी। या एक पुराना मस्जिद हैं जिसका निर्माण हिन्दु और जैन मंदिरो के साथ किया गया था।

अकबर का किला – अपबर का किला 1500 एडी मे बना था। यह किला अकबर ऐर उसके सिपाहियों के रुकने की जगह थी। यह किला शहर के एकदम बीचों बीच हैं। यह किला पर्यटको सबसे ज्यादा अपनी जरफ आकर्षित करता हैं।

नरेली जैन मंदिर –  नरेली जैन मंदिर अजमेर के किनारे पर स्थित हैं। यहा पर आपको मोडर्न कारीगरी देखने को मिल जाएगी । 24 अतिरिक्त छोटे मंदिर ऊपर पहाड़ी पर रखे गए हैं। इन 24 मंदिरों में जैन के तीर्थंकर को 24 जैनलय कहा जाता है।

प्तीथ्वी स्मारक – प्तीथ्वी स्मारक प्तीथ्वीराज चौहान की याद मे बनाई गई एख मूर्ती हैं जो तारागढ राड पर हैं। यह मूर्ती काले पत्थरो से बनाई गई हैं जिसमें प्तीथ्वीराज चौहान अपने घोडे पर बैठे हैं।

 

 

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