बंगाल के Transport Minister Subhendu कोरोना पॉजिटिव

0

पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री सुभेंदु अधिकारी शुक्रवार को कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, वहीं उनकी मां भी पॉजिटिव पाई गईं है, जिसके बाद वह कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती हैं। इसकी जानकारी सूत्रों ने शुक्रवार को दी।

कुछ दिन पहले से अधिकारी के अंदर कोरोनावायरस के लक्षण दिखाई दे रहे थे, जिसके बाद उनका कोरोना टेस्ट कराया गया, जिसकी रिपोर्ट गुरुवार को आई।

सूत्रों ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मंत्री ने खुद को अपने गेस्ट हाउस में ‘आईसोलेट’ कर लिया है।

इससे पहले, राज्य के फायर ब्रिगेड मंत्री सुजीत बोस, खाद्य मंत्री ज्योतिप्रियो मल्लिक और पशुपालन मंत्री स्वपन देबनाथ को भी कोरोनावायरस से पॉजिटिव पाए गए थे। हालांकि, वर्तमान में सभी स्वस्थ हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

 

SHARE
Previous articleSamsung Galaxy S21 एक Exynos 2100 प्रोसेसर से होगा लैस, गीकबेंच पर लिस्ट हुआ
Next articleAmazon , indoor drone और car alarm के सुरक्षा उत्पादों के साथ तैयार ?
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here