केंद्र शासित प्रदेश होने के नाते दिल्ली की शक्तियां केंद्र के अधीन : अरूण जेटली

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आम आदमी पार्टी (आप) और अन्य विपक्षी पार्टियों के दिल्ली सरकार और उप राज्यपाल के बीच दिल्ली की शक्तियों पर विभिन्न दावों को दरकिनार करते हुए केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय दिल्ली में चुनी हुई सरकार की महत्ता पर जोर देता है लेकिन दिल्ली के केंद्र शासित प्रदेश होने की वजह से इसकी शक्तियां केंद्र सरकार के अधीन हैं। अपनी फेसबुक पोस्ट में जेटली ने कहा, “सर्वोच्च न्यायालय ने विशेष रूप से कहा कि दिल्ली की तुलना अन्य राज्यों से नहीं की जा सकती, इसलिए ऐसा कोई भी अनुमान लगाना पूरी तरह से गलत है कि केंद्रशासित प्रदेश के कैडर की सेवाओं का प्रशासनिक नियंत्रण दिल्ली सरकार के पक्ष में है।”

जेटली ने कहा, “न्यायालय के फैसले में, राज्य सरकार या केंद्र सरकार को कोई अतिरिक्त शक्तियां नहीं दी गई हैं और ना ही किसी भी प्रकार की शक्तियां कम की गई हैं। इसने चुनी हुई सरकार की महत्ता पर जोर दिया है, लेकिन दिल्ली के केंद्रशासित होने की वजह से इसकी शक्तियां केंद्र सरकार के अधीन हैं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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