मुसीबत आने से पहले छलक पड़ते हैं मां दुर्गा की प्रतिमा के आंसू, अपने आप में अनोखा शक्तिपीठ

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जयपुर। आपने कई बार मंदिर या मस्जिद में होने वाले चमत्कारों के बारे में सुना होगा। जिनके बारे में सुनकर या देखकर अपनी आंखों पर यकीन कर पाना मुश्किल होता है। आज हम आपको इस आर्टिकल के जरिए ऐसै ही एक चमत्कार के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में जानकर आप चौंक जाएगे। हम आपको ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें मुसीबत आने पर मां दुर्गा की मुर्ती के आंसू बहने लगते हैं। पकी जानकारी के लिए बता दें कि यह चमत्कारी मंदिर हिमाचल प्रदेश में स्थित है। इस मंदिर का नाम ब्रजेश्वरी मंदिर है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह ब्रजेश्वरी मंदिर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में नगरकोट नाम के स्थान पर स्थित है। इसलिए इस मंदिर को नगर कोट की देवी, कांगड़ा देवी और नगर कोट धाम के नाम से भी जाना जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह धाम देवी के 51 शक्तिपीठों में से एक है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण पांडवों ने किया था।

हिन्दू घर्म ग्रंथों के अनुसार जब देवी सती ने जब उनके पिता राजा दक्ष के यज्ञ में अपने प्राण त्यागे थे। जिससे क्रोधित होकर भगवान शिव ने देवी सती के मृत शरीर को लेकर पूरे ब्रह्मांड के चक्कर लगाते हुए तांडव किया था। जिसके बाद शिव के क्रोध को शांत करने के लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदज्ञशन चक्र से देवी सती के शरीर को 51 भागों में विभाजित कर दिया था। तथा धरती पर जहां जहां देवी शती के शरीर के अंग गिरे वहां पर एक सिद्ध पीछ बन गया। आपकी जानकीर के लिए बता दें कि ब्रजेश्वरी मंदिर के स्थान पर देवी शती का बांया वक्ष इस स्थान गिरा था।

बता दें कि इस मंदिर में माता पिण्डी के रुप में विराजमान हैं। कहा जाता हैं कि जब इस स्थान पर कोई मुसीबत आने वाली होती है तो भैरव की मूर्ति से आंसू और पसीना बहने लगता है। कई भक्तों का दावा है कि उन्होंने यह चमत्कार कई बार देखा है। भक्तों ने कहा कि उन्होंने 1976-77 में इस मूर्ति में आंसू व शरीर से पसीना निकलते हुए देखा था जिसके बाद कांगड़ा में भीषण अग्निकांड हुआ था। इसके बाद से ही आने वाली आपदाओं को टालने के लिए यहां पर हर वर्ष नवंबर व दिसंबर में भैरव जयंती मनाई जाती है। तथा इस दौरान हवन किया जाता है।

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