नागा साधु बनने से पहले महिलाओं का होता है ये खतरनाक टेस्ट, चौंकाने वाली है हकीकत

0
102

जयपुर, हमारे देश को आस्था का देश कहा जाता है। जहां पौराणिककाल से ही महिलाओं का सम्मान किया जाता है। जहां सभी जगहों पर महिलाओं को महत्व दिया जाता है। दोस्तों आपने कई बार नागा साधुओं को बारे में सुना होगा। जिनमें कई सारी महिलाए भी होती है। आज हम आपको इन महिला नागा साधुओं के बारे में कुछ बताने जा रहे है. जिसके बारे में सुनकर आप चौंक जाएंगे।

बता दे नागा महिला साधु बनना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। इसके लिए एक कठीन परीक्षा से गुजरना पड़ता है। इस खतरनाक टेस्ट को पास करने के बाद ही कोई महिला नागा साधु बनती है। हालांकि पिछले कुछ सालो में विदेशी महिलाओं के नागा साधु बनने की संख्य़ा मे इजाफा हुआ है।

बता दें कि अगर कोई महिला नागा साधु बनना चाहती है तो उसे अपने गुरू से दीक्षा लेनी पड़ती है। जिसके बाद ही वह साधु बनती है। लेकिन इसके कई तरह के नियम होते हैं। जो बेहद ही कठोर होते हैं। इन कठौर नियमों का पालन करने के बाद ही नागा साधु बना जा सकता है।

महिला नागा साधु को हमेशा गेरूए रंग के कपड़े पहने होते हैं। इतना ही नहीं इसके लिए हर महिला को पहले दस साल तक अपने ब्रह्मचार्य का सबूत देना पड़ता है। इसके बाद अपना पिंड दान करना होता है। इतना ही नहीं उसके गुरू उस महिला की पिछली जिंदगी के बारे मे पहले पूरा पता करते है।

उसके बाद उसका चयन किया जाता है। उसे इस बात को साबित करना होता है कि उसका दुनिया से कोई संबंध नही है। जब महिला तैयार हो जाती है तो उसे अपना मुंडन करवाना पड़ता है। और अपनी परीक्षा के बाद कुंभ मे स्नान किया जाता है। जिसके बाद उन्हें माता का दर्ज दे दिया जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here