इस कीड़े की वजह से घरों से नहीं निकल पा रहे लोग, मचा रखा है चरों तरफ तहलका…

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अकसर देखा जाता है कि हमारी बीमारियों का कारण कई कीडे होते हैं जिसके कारण हम लोग बीमार पड़ते हैं । ऐसे ही एक कीड़े के बारे में हम आपको बताने जा रहे है जिसके चलते लोग काफी परेशान हैं. इस कीड़े को लेकर लोग तरह तरह की बातें बता रहे हैं । इस छोटे से कीड़े की वजह से लोग अपने घरों में कैदी बनकर रह गए । हैरानी की बात तो ये है कि वहां के लोगों का कहना है कि ये कीड़ा यौन रोग फैला रहा है ।

दरअसल, ब्रिटेन के कुछ शहरों में एक नए कीड़े के दिखाई देने के बाद अजीब तरह की अफवाह शुरू हो गई । बीरबहूटी या लेडीबर्ड नामक इस कीड़े को लेकर अफवाह है कि ये यौन रोग फैला रहा है । इसके काटने से व्यक्ति को किसी और व्यक्ति का रोग लग जाएगा । इसके साथ ही पूरे यूरोप में लोग सोशल मीडिया पर इसके फोटो और चेतावनी को शेयर कर रहे हैं । वहीं इन कीड़ों से सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज फैलाने की अफवाह के बाद वैज्ञानिक और विशेषज्ञों की टीम ने इस मामले की जांचा की और पाया कि यह महज एक अफवाह है ।

 


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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