जंगी पोत INS मुंबई ने मनाई 20वीं सालगिरह

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भारतीय नौसेना के जंगी पोत मिसाइल विध्वंसक आईएनएस मुंबई ने शुक्रवार को अपनी 20वीं वर्षगांठ मनाई। भारतीय नौसेना ने यह जानकारी दी। इस अवसर पर रक्तदान शिविर लगाया और पौधरोपण किया गया। इसके साथ ही इस दौरान मुंबई के दो प्रमुख स्थानों गिरगांव चौपाटी और जे. के. कपूर चौक, वर्ली के बीच दौड़ का आयोजन किया गया।

मुंबई शहर के साथ इस जंगी समुद्री जहाज का जुड़ाव अद्वितीय है, क्योंकि यह देश की वित्तीय राजधानी में तैनात एकमात्र भारतीय नौसेना का जहाज है।

भारतीय नौसेना ने एक बयान में कहा कि जहाज का आदर्श वाक्य ‘अहम्प्रयाप्तम तविदमेत्सम बलमा’ है, जिसका अर्थ है, ‘मैं अजेय हूं’।

आईएनएस मुंबई की खास बात यह है कि इसे मझगांव में स्वदेशी रूप से बनाया गया है, जिसे महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल पी. सी. अलेक्जेंडर से कमीशन प्राप्त हुआ था।

कमीशनिंग के बाद से जहाज ने राष्ट्र के लिए अपनी उत्कृष्ट सेवा प्रदान की है और हमेशा अपने सभी प्रयासों में शानदार प्रदर्शन किया है। इसे तीन बार ‘बेस्ट शिप’ और दो बार ‘मोस्ट स्पिरिटेड शिप’ के लिए चुना जा चुका है, जो किसी भी युद्धपोत के लिए एक दुर्लभ उपलब्धि है।

6,500 टन से अधिक के वजनी जहाज में 350 नाविक और 40 अधिकारी तैनात हैं। जहाज की लंबाई 163 मीटर है और यह चार गैस टर्बाइनों से सुसज्जित है। यह जंगी पोत 32 समुद्री मील से अधिक गति प्राप्त करने में सक्षम है।

यह पोत अत्याधुनिक हथियारों के साथ सुसज्जित है, जिसमें सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, पनडुब्बी रोधी रॉकेट और टॉरपीडो शामिल हैं। जहाज दुश्मन पर घातक गोलाबारी में भी सक्षम है। जहाज नौसेना के सभी प्रकार के हेलीकॉप्टरों का संचालन करता है।

news source आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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