बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा अब खतरे से बाहर, जल्द करेंगे वापसी

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आस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा की चोट ज्यादा गंभीर नहीं है और अब वह जल्द वापसी कर सकते हैं।

क्रिकेट. कॉम. एयू की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को वेस्टइंडीज के साथ खेले गए अभ्यास मैच के दौरान आंद्रे रसेल की एक बाउंसर ख्वाजा के सिर पर जा लगी थी। सिर पर चोट लगने के बाद ख्वाजा को मैदान छोड़कर लौटना पड़ा।

ख्वाजा को इसके बाद स्कैन के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। स्कैन से पता चला है कि उनको गंभीर चोट नहीं आई है और विश्व कप में वह जल्द वापसी कर सकते हैं।

इस मैच में अर्धशतक बनाने वाले शॉन मार्श ने मैच के बाद ख्वाजा की चोट को लेकर कहा, “यह बहुत डरावना था। उनको चीकबोन के पास गेंद लगी थी। सबसे अहम बात है कि वह अब ठीक है और जल्द वापसी कर सकते हैं।”

चोट के बाद ख्वाजा दोबारा मैदान पर नहीं आए। आस्ट्रेलिया ने इस अभ्यास मैच में सात विकेट से जीत दर्ज की।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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