नगालैंड के सबसे बड़े चर्च समूह बैप्टिस्ट ने भाजपा के लेकर दिया सबसे बड़ा बयान

0
2321

नगालैंड में 27 फरवरी को विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए चुनाव प्रचार व्यापक रूप से चल रहा है। सारी पार्टियां अपना दम दिखाने में लगी हैं। नगालैंड और मेघालय दो ऐसे राज्य हैं जहां ईसाई धर्म की बहुलता है, इसलिए पार्टियों ने भी सारे उम्मीदवार ईसाई ही उतारे हैं। इस वजह से चुनाव में धर्म की बात होनी ना के बराबर ही है।

लेकिन, भाजपा के राष्ट्र भर में जो हिंदुत्व की नीति है, शायद वो यहां के धर्मगुरुओं को पसंद नहीं आ रही है। इसका नुकसान भाजपा के साथ साथ नगा पीपल्स फ्रंट पार्टी को भी हो सकता है। केरल में ईसाई चर्चों पर हुए हमले और धर्मगुरुओं के साथ हुए दुर्व्यवहार के वजह से वहां के पादरियों ने पहले ही अपनी नाराज़गी जता दी थी।

अब नगालैंड के सबसे बड़े बैपटिस्ट चर्च ने भाजपा पर सीधा हमला बोला है। बैपटिस्ट चर्च की तरफ से कहा गया है कि अनुयायी पैसे और विकास की बात के नाम पर ईसाई सिद्धांतों और श्रद्धा को उन लोगों के हाथों में न सौंपे जो यीशु मसीह के दिल को घायल करने की फिराक में रहते हैं।

बैप्टिस्ट चर्चों की सर्वोच्च संस्था नागालैंड बैपटिस्ट चर्च परिषद (एनबीसीसी) ने नगालैंड की सभी पार्टियों के अध्यक्षों के नाम एक खुला खत लिखते हुए कहा कि..

हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में आरएसएस की राजनीतिक शाखा बीजेपी के सत्ता में रहने की वजह से हिंदुत्व का आंदोलन अभूतपूर्व तरीके से मजबूत और आक्रामक हुआ है। प्रभु जरूर रो रहे होंगे जब नगा नेता उन लोगों के पीछे गए जो भारत में हमारी जमीन पर ईसाई धर्म को नष्ट करना चाहते हैं। इस बार आरएसएस समर्थित भाजपा वाकई में खतरा बन चुकी है। इसलिए हमने सोचा के हमें एक मजबूज फैसला लेना चाहिए न केवल चर्चों के लिए, बल्कि सामान्य रूप से देश में ईसाइयों के लिए भी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here