आत्मनिर्भर बिहार बनाने के लिए बैंकों की अहम भूमिका : Deputy CM Prasad

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राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने शनिवार को कहा कि आत्मनिर्भर बिहार के सपने को साकार करने में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि बैंक जब जरूरतमंद लोगों को ऋण देते हैं, तो वह बिहार के विकास में सहयोग करते हैं।

75 वीं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक मुख्य सचिवालय सभागार में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री प्रसाद ने कहा कि, “भारत सरकार एवं बिहार सरकार रोजगार एवं उद्यमों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का संचालन कर रही है एवं सभी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन एवं उसके प्रतिफल में बैंकों की अहम भूमिका है। आवश्यकता इस बात की है कि बैंक पूरी तत्परता एवं प्रतिबद्घता से काम करें।”

उन्होंने कहा कि उद्योग क्षेत्र में पश्चिम चंपारण में अच्छा काम हुआ है। पश्चिम चंपारण का चनपटिया मडल प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने की दिशा में नजीर बना है। उन्होंने कहा कि उद्योग, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य एवं अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार एवं स्वालंबन की पर्याप्त संभावनाएं हैं, जिसमें बैंकों को प्रतिबद्घता के साथ काम करने की जरूरत है।

उन्होंने सभी बैंक के प्रतिनिधियों का आह्वान करते हुए कहा कि बिहार के नव निर्माण एवं आत्मनिर्भर बिहार के सपने को साकार करने के लिए परिणामोन्मुखी व्यवस्था कायम करते हुए नई ऊर्जा के साथ काम करें।

उन्होंने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि को इस दिशा में बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर सकारात्मक पहल करने की आवश्यकता बताई, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन का बेहतर प्रतिफल प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि तरुण एवं किशोर वर्गो में ऋण प्रवाह बढ़ाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, “विकसित बिहार के संकल्प को पूरा करने की दिशा में सभी बैंक सकारात्मक रूप से आगे बढ़ें। सरकार प्रत्येक स्तर पर सहयोग एवं कठिनाइयों को दूर करने के लिए तैयार है।”

प्रसाद ने आगे कहा, “सरकार प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक बैंक की शाखा खोलने के लिए संकल्पित है। 1078 स्थानों की सूची बैंकों को राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है।”

न्यूज सत्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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