बेंगलुरू एफसी ने डिफेंडर खाबरा के साथ बढ़ाया करार, जानिए इसके बारे में !

0
50

डिफेंडर हरमनजोत खाबरा ने बेंगलुरू एफसी के साथ अपने करार को 2021 तक के लिए बढ़ा दिया है। क्लब ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी। खाबरा ने कहा, “मेरे लिए यह काफी अहम फैसला था। बेंगलुरू एफसी के साथ मेरा पिछला सीजन शानदार रहा है। हम देश के सर्वश्रेष्ठ क्लबों में शामिल हैं जिसने फुटबाल को देश में नई ऊंचाइयां प्रदान की हैं।”

खाबरा इसी साल जनवरी-2017 में क्लब के साथ जुड़े थे और उन्होंने टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है। खाबरा ने इस सीजन में शानदार प्रदर्शन किया था। इसके बाद एएफसी कप में मालदीव के खिलाफ उन्हें चोट लग गई थी।

यह डिफेंडर काफी तेजी से अपनी चोट से उबर रहा है और सभी टूर्नामेंट में क्लब के लिए 19 मैच खेले हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleबोर्ड एग्जाम में आप करें ऐसे तैयारी आएगें आपके अच्छे नंबर
Next articleबोर्ड एग्जाम में लाने है आपको अच्छे नंबर तो अपनाएं यह बहतरीन टिप्स
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here