बाबा साहेब ने कमजोर तबकों को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया : रमन सिंह

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शनिवार को भारतरत्न और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 127वीं जयंती की अवसर पर कहा कि बाबा साहब ने समाज के कमजोर तबकों को स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया। मुख्यमंत्री ने राजधानी रायपुर के घड़ी चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने एक ऐसे आदर्श समाज का सपना देखा, जहां ऊंच-नीच का भेदभाव न हो, सभी को समान अवसर मिले। हमारा समाज प्रगतिशील समाज हो।

डॉ. सिंह ने कहा कि बाबा साहब ने संविधान के माध्यम से समाज के कमजोर तबके को अधिकार संपन्न बनाकर उनमें स्वाभिमान जगाया और आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया।

डॉ. भीमराव अंबेडकर सार्वजनिक जयंती समारोह समिति द्वारा आयोजित समारोह की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने की।

विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से समाज की एकता को बनाए रखने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने संविधान के प्रावधानों के जरिए सामाजिक विषमता को दूर करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने समारोह में छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोक गायिका कविता वासनिक को आयोजकों की ओर से सम्मानित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग की वेब साइट का लोकार्पण किया। इस वेवसाइट के जरिए अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को आसानी से प्रमाणपत्र प्राप्त हो सकेंगे।

डॉ. सिंह ने अवसर पर गीतों की सीडी और डॉ. अंबेडकर पर प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन भी किया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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