कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाएगी अनूठी पहल ‘तरंग’, जानिए इसके बारे में !

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देश में कैंसर पीड़ित माताओं और बच्चों की संख्या बढ़ने के मद्देनजर पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने शनिवार को ‘तरंग’ नाम की एक अनूठी पहल की शुरुआत की। ‘तरंग’ में छोटे बच्चों के साथ उनके माता-पिता, शिक्षकों और साथ ही शहर के प्रमुख डॉक्टरों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में ड्राइंग, फैशन शो, ग्रुप डांस जैसी प्रतियोगिताओं में विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल आईपी एक्सटेंशन, सेंट एंड्रयूज स्कॉट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हिलवुड अकादमी और रॉकमैटिस अकादमी के कई छात्रों ने भाग लिया।

इस दौरान यहां डॉक्टरों की एक टीम उपस्थित थी, जिन्होंने बच्चों व उनके अभिभावकों को कैंसर के बारे में जागरूक किया।

मैक्स हैल्थकेयर, जोन 2 के डायरेक्टर नीरज मिश्रा ने कहा, “एक स्वस्थ जीवनशैली को अपनाते हुए नियमित जांच और रखरखाव से इस जानलेवा बीमारी को रोका जा सकता है। महिलाओं को स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर जैसे दो कैंसर सबसे अधिक प्रभावित करते हैं, समय पर रोकथाम से हम जल्दी से ठीक हो सकते हैं। दवाइयों के जरिए कैंसर को जड़ से खत्म किया जा सकता है और एक कीमती जान बच सकती है।”

डॉक्टरों की टीम ने उपस्थित सभी लोगों को नियमित स्क्रीनिंग और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में बताते हुए कैंसर के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

‘तरंग’ को बचपन में होने वाले कैंसर से बचने के लिए छोटे पैमाने पर सहायता प्रदान करने के लिए शुरू किया गया है, जिसमें बच्चों और उनके अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। इस मुहिम का उद्देश्य कैंसर जागरूकता को बढ़ावा देना है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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