विमानन मंत्री हर​दीप सिंह ने जेट के पुनरुत्थान की जताई उम्मीद

0
41

जेट एयरवेज के पुनरुत्थान की टूटती उम्मीदों के बीच नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को विश्वास जताया कि बंद पड़ी विमानन कंपनी को दोबारा शुरू करने का समाधान मिल जाएगा।

पुरी ने यहां एक समारोह से इतर कहा, “हमें पूर्ण विश्वास है कि हम इस बंद पड़ी एयरलाइन के समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।”

यह बयान एयरलाइन के कर्मचारियों के एक वर्ग को मंत्री द्वारा विमानन कंपनी को दोबारा शुरू करने के प्रयास के आश्वासन मिलने के दावे के एक दिन बाद आया है।

जेट एयरवेज ने धन की कमी के कारण 17 अप्रैल से अपने सभी परिचालन को रोक दिया है। कंपनी के पास 119 विमान थे, जिसमें करीब 90 विमान दूसरी कंपनियों को पट्टे पर दे दिए गए हैं।

एक समय देश-विदेश की प्रमुख कंपनी जेट एयरवेज अब पूरी तरह से बंद होने की प्रक्रिया में है, क्योंकि कंपनी के शेयरधारक एतिहाद या किसी नए निवेशक ने कंपनी में पैसे नहीं डाले हैं।

जेट एयरवेज के कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार विमानन कंपनी को दोबारा शुरू करने के उपाय करेगी और इसके लिए उन्होंने पिछले महीन ेराष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के दोबारा सत्ता में लौटने के बाद मंत्री समेत अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मुलाकात की है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleउच्च न्यायालय ने डीयू के नए दाखिला मानदंड को निरस्त किया
Next articleदेश का निर्यात 4 फीसदी, आयात 4.31 फीसदी बढ़ा
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here