क्या आर्थिक सुस्ती और मंदी के बीच उभर पाएगी ऑटो इंडस्ट्री

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देश में मंदी और आर्थिक सुस्ती से ऑटो कारोबार की धीमी रफ्तार पडी है। हालांकि, ऑटो जगत को मंदी का 2020 में भी डर सताएगा। कुछ ऐसे सवाल भी अभी बने हुए हैं। बाजार के लिए उन्नत मॉडलों की मेजबानी के लिए कंपनियां अपनी और से पूरी कोशिश करने में लगी है। कारोबारियों की उम्मीदें अर्थव्यवस्था की सुस्ती को लेकर धराशायी होती दिखाई पड़ रही है। नए साल में कारोबारियों का कहना है कि कंपनियां साल 2020 में मंदी से बाहर आ जाएगी।

वित्त मंत्री ने कहा था कि ऑटो जगत को मंदी की सोच से निकलकर बाहर आने की जरूरत है। देश में छाई मंदी और अर्थव्यवस्था की धीमी चाल ने ऑटो सेक्टर को प्रभावित किया है। ऑटो मोबाइल उद्योग पर लगातार गिरावट बनी रही। ऑटो सेक्टर के आंकड़ों के अनुसार, साल 2019 के दौरान कार, वैन और एसयूवी की कुल बिक्री 30 लाख के स्तर से कम आंकी गई।

ऑटो बाजार से नव वर्ष में भी मंदी देखने को मिल रही है। ग्राहकों को ऑटो कंपनियां अपनी को आकर्षित करने में लगी है। भारत के प्रमुख ऑटो शो में द्विवार्षिक ऑटो एक्सपो के साथ ऑटो सेक्टर शो को पुनरुद्धार के लॉन्चिंग पैड के रूप में मान रहा है। एक अभूतपूर्व मंदी के दौर से गुजर रहे ऑटो सेक्टर को हालांकि काफी उम्मीदें भी है। BS-IV से उत्सर्जन मानक BS-VI के लिए संक्रमण की चुनौतियों और नए सुरक्षा मानदंडों का अनुपालन के चलते वाहन महंगे कर दिए गए हैं।

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