कोपा अमेरिका 2020 में भाग लेंगे आस्ट्रेलिया, कतर

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आस्ट्रेलिया और कतर की टीम को 2020 कोपा अमेरिका टूर्नामेंट में भाग लेने का निमंत्रण भेजा गया है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, दक्षिण अमेरिकी देशों के बीच में खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट में आमतौर पर 12 टीमें हिस्सा लेती हैं, लेकिन कोनमेबोल के केवल 10 सदस्य हैं जिसका मतलब प्रतियोगिता में हमेशा अन्य टीमों को बुलाया जाता है।

इस वर्ष होने वाले कोपा अमेरिका में जापान और कतर की टीम दो बाहरी टीम है। टूर्नामेंट शुक्रवार से ब्राजील में शुरू होगा।

2022 फीफा वर्ल्ड कप की मेजबान और 2019 एएफसी एशियन कप चैम्पियन कतर इस साल पहली बार कोपा अमेरिका में भाग ले रही है।

अगले वर्ष होने वाले कोपा अमेरिका में आस्ट्रेलिया भी भाग लेगी। यह उसका तीसरा कोपा अमेरिका टूर्नामेंट होगा।

आस्ट्रेलिया 2006 में ओशिनिया फुटबॉल परिसंघ (ओएफसी) छोड़कर एशियाई फुटबाल परिसंघ (एएफसी) में शामिल हुई थी। उसने 2015 एएफसी कप का खिताब जीता।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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