अटल ने छत्तीसगढ़ के लोगों को राज्य का भाग्य विधाता बनाया : डॉ. रमन

0
103

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रविवार को आकाशवाणी से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ‘रमन के गोठ’ में कहा कि अटल ने छत्तीसगढ़ की जनता से अपना वादा निभाते हुए राज्य बनाया और छत्तीसगढ़ वासियों को राज्य का भाग्य विधाता बना दिया। डॉ. सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में केंद्रीय मंत्री के रूप में काम करने के अनुभव श्रोताओं के साथ साझा किए।

डॉ. सिंह ने कहा, “अटल के संपर्क में आने और उनका विश्वास हासिल करने का किस्सा भी बड़ा दिलचस्प है। जब मैं पार्षद था। तभी अटल कवर्धा आए थे। सुबह 7 बजे उन्हें रवाना होना था। हम लोग उनके पास पहुंचे और आग्रह किया कि आप की सभा करानी है। उन्होंने पूछा कितनी भीड़ आएगी। मैंने कहा भयानक। उन्होंने हंसते हुए कहा, भयानक? तब मैं नहीं आऊंगा। पर वे आए। उस दिन इतनी भीड़ जुटी थी, जो आज तक किवदंती है।”

उन्होंने कहा, “आज तमाम संसाधन होने के बाद भी वैसी सभा करना संभव नहीं है, क्योंकि वह भीड़ मेरे प्रयास कम अटल का जादू ज्यादा थी, हालांकि उन्होंने मुझे बधाई देकर मेरा उत्साह बढ़ाया था, फिर राजनांदगांव लोकसभा चुनाव में जीत के साथ मुझे लोकसभा की सदस्यता मिली और अटल ने मुझे अपने मंत्रिमंडल में जगह दी।”

डॉ. सिंह ने कहा कि जिन्हें सपने में देखा करता था, उनके साथ काम करने का सौभाग्य मिलने से बड़ी बात कोई हो नहीं सकती थी। अटल ने केंद्रीय मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक की जिम्मेदारियां निभाना सिखाया।

उन्होंने कहा, “वे मेरे पीछे चट्टान की तरह खड़े रहे और आशीर्वाद देते रहे, इसीलिए मैंने उनके निधन पर कहा कि हमारा तो निर्माता ही चला गया, इसीलिए मैं कहता हूं कि सार्वजनिक जीवन में मेरा कुछ नहीं है, सब कुछ अटल की देन है। उनकी प्रेरणा, उनका मार्गदर्शन, उनके आदर्श ने मुझे रास्ता दिखाया और आगे भी दिखाते रहेंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज जिन ऊंचाई पर पहुंचा है, वह सब अटल की देन है। हम आगे भी उनके सपनों को साकार करेंगे। इसलिए हमने विकास यात्रा के दूसरे चरण को ‘अटल विकास यात्रा’ का नाम दिया है तथा ऐसे अनेक निर्णय लिए हैं जिससे अटल का नाम पीढ़ियों-पीढ़ियों तक चलता रहे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleबड़बोले मुख्यमंत्री की प्रशासन पर पकड़ नहीं : समाजवादी पार्टी
Next articleउत्तर प्रदेश : महराजगंज में बस-ट्रक भिड़े, 3 गंभीर, 19 घायल
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here