उस समय’ में रहकर खुश हूं : अभिनेत्री नीना गुप्ता

0
61

अभिनेत्री नीनी गुप्ता ने कहा कि वह उस समय में काम करके खुश है जहां वरिष्ठ कलाकारों के लिए कंटेंट आधारित फिल्मों में काम करने के अवसर मौजूद हैं। नीना ने ‘गांधी’, ‘जाने भी दो यारों’, ‘मंडी’, ‘उत्सव’, ‘मुल्क’, जैसी महत्वपूर्ण फिल्मों में काम किया है। उन्होंने टेलीविजन शो जैसे ‘सांस’ व ‘बुनियाद’ में भी काम किया है।

पिछले वर्ष, उन्होंने काम मांगने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया था। उनका संदेश था, “मैं एक अच्छी अभिनेत्री हूं और अच्छी भूमिका निभाना चाह रही हूं।”

उनके इस सोशल मीडिया संदेश ने सबका ध्यान आकृष्ट किया कि कैसे एक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित अभिनेत्री, लेखिका और निर्देशक को भी काम मांगना पड़ रहा है।

उसके बाद से उनकी उपस्थिति बढ़ी है, ‘बधाई हो’ में उन्होंने एक अधेड़ महिला की भूमिका अदा की है, जिनके दो बड़े बच्चे होने के बावजूद भी वह दोबारा गर्भवती हो जाती है।

यह पूछे जाने पर कि आप उस समय में रहकर कैसा महसूस कर रही हैं, जब वरिष्ठ कलाकारों को कंटेंट आधारित फिल्मों में सारगर्भित भूमिकाएं निभाने का मौका मिल रहा है, इस पर उन्होंने कहा, “हां..ऐसा पहले कभी नहीं हुआ करता था। उस समय में होना काफी अच्छा लग रहा है, जब वरिष्ठ कलाकारों को कंटेंट आधारित फिल्मों में सारगर्भित भूमिकाएं निभाने का मौका मिल रहा है।”

उन्होंने फिल्म टीम का उन्हें फिल्म में लेने के लिए आभार जताया।

नीना ने कहा, “कॉमर्शियल फिल्मों में यह मेरी पहली संपूर्ण भूमिका है, जिसकी रिलीज भी अच्छी होगी। मैं इस फिल्म का भाग बनकर काफी खुश हूं।”

‘बधाई हो’ अधेड़ उम्र में बच्चे की चाहत रखने वाले दंपति के विषय को उठाती है, जिसका भारतीय समाज में प्राय: मजाक उड़ाया जाता है।

यह पूछे जाने पर कि उम्र की सीमा से परे(एजलेस) प्यार की कहानी का हिस्सा बनकर कैसा महसूस हो रहा है, पर उन्होंने कहा, “आप इसे उम्र की सीमा से परे प्यार की कहानी नहीं कह सकते। यह एक ‘एजफुल’ रोमांस है और इससे किसी भी प्रकार का एतराज नहीं होना चाहिए। मेरा मानना है कि यह पति व पत्नी का निजी मामला है कि क्या वे अपने परिवार को बढ़ाना चाहते हैं या नहीं।”

नीना के अलावा इस फिल्म में आयुष्मान खुराना, सान्या महोत्रा, गजराज राव और शिवा चड्ढा महत्वपूर्ण भूमिका है। फिल्म के निर्देशक अमित रवींद्रनाथ शर्मा हैं। फिल्म 19 अक्टूबर को रिलीज होगी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleसाल 2008 में मुझे पुलिस और कोर्ट के झूठे केस की धमकी दी गई थी: तनुश्री दत्ता
Next articleअच्छी नींद लेने के लिए करें ये कुछ आसान उपाय
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here