ग्रहों की ऐसी स्थिति के कारण पति पत्नी के बीच होता है तनाव

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जयपुर। किसी भी रिश्ते की डोर नाजुक होती है, इसे बहुत सम्हाल कर रखना पडता है। चाहे ये रिश्ता भाई बहन का हो, माता पिता को हो पति-पत्नी का हों या फिर सास-बहू का हो। किसी भी रिश्ते में आपसी विचारों को मतभेद के कारण कभी कभी तो वैसे तनाव हो सकता है लेकिन हमेशा अगर रिश्ते में तनाव रहता है तो फिर परेशानी का कारण बन सकता है। किसी भी रिश्ते में बात नोकझोंक तक रहें तो सही है लेकिन अगर बात कलेश तक चली जाती है तो फिर मामला गम्भीर होता जाता है। पारिवारिक वातावरण को हमेशा तनाव मूक्त रखने के लिए और रिश्तों की डोर को मजबूत रखने के लिए आज हम इस लेख में कुछ उपाय बता रहें है जिस करने से आप अपने रिश्तों को मजबूत कर सकते है।

  • अगर लड़के या लड़की की कुड़ली के सप्तम भाव में शनि की दृष्टी पड रहा है तो रिश्ते में तनाव आने लगता है।
  • अगर कुंड़ली के सप्तम या अष्टम भाव में किसी पाप ग्रह की दृष्टि पढने से रिश्तों में अनबन रहती है।

  • अगर कुंड़ली में राहु, केतु अथवा सूर्य सप्तम या अष्टम भाव में बैठा होता है तो इसके कारण रिश्ते में कलेश होता है।
  • लड़के या लड़की की कुड़ली में अगर शुक्र ग्रह कमजोर स्थिती में है तो प्रेम में बाधा आने लगती है।

  • लड़के या लड़की की कुड़ली में अगर शुक्र ग्रह पर किसी अन्य ग्रह की दृष्टी पड रही है तो रिश्तों में अनबन आने लगता है।
  • अगर किसी लडके की शादी किसी मांगलिक लडकी से या किसी लडकी की शादी मांगलिक लडके से हो जाए तो दोनों में आपसी समझदारी नहीं बन पाती।

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