असिस्ट ने वंचित बच्चों के लिए बास्केटबॉल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया

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दिल्ली में वंचित वर्ग के 140 से अधिक स्कूली छात्र क्रॉसओवर बास्केटबॉल एंड स्कॉलर्स एकेडमी के सहयोग से असिस्ट (एएसएसआईटी) द्वारा आयोजित पांच दिवसीय बास्केटबॉल प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार से की गई है और इसका समापन शुक्रवार को होगा। लैंगिक समानता की समग्र थीम को ध्यान में रखते हुए पंजीकृत प्रतिभागियों में से 70 प्रतिशत से अधिक लड़कियां शामिल हैं।

दिल्ली पब्लिक स्कूल, वसंत कुंज के 11वीं के छात्र और जूनियर नेशनल लेवल बास्केटबॉल खिलाड़ी कार्तिकेय गोयल की अगुआई में असिस्ट ने दिल्ली में अपने ‘हुप्स क्रिएटिंग होप’ कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए क्रॉसओवर बास्केटबॉल एंड स्कॉलर्स एकेडमी के साथ साझेदारी कर यह पहल की है। इस प्रयास के तहत असिस्ट को दिल्ली/एनसीआर के विभिन्न स्कूलों के 25 वॉलंटियर्स छात्र का सहयोग प्राप्त हुआ है।

अपने विचार साझा करते हुए कार्तिकेय ने कहा, “व्यक्तिगत अनुभव के माध्यम से मैं जीवन में बदलाव लाने के लिए बास्केटबॉल की ताकत को जानता हूं। इस खेल ने मेरे व्यक्तित्व को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए, बास्केटबॉल के माध्यम से आशा के प्रसार के लिए मैंने असिस्ट की स्थापना की है। मैं आशा करता हूं कि असिस्ट के माध्यम से चौतरफा व्यक्तित्व विकास से वंचित और विशेष रूप से बच्चों को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।”

इस कार्यक्रम में अमर ज्योति चैरिटेबल ट्रस्ट और टीच फॉर इंडिया क्लासरुम्स के लगभग 140 से अधिक बच्चों को क्रॉसओवर एकेडमी के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कोचों के साथ के 2एक्स रक्षात्मक प्लेयर ऑफ द इयर एलाना बियर्ड, डब्ल्यूडब्ल्यूएनबीए के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। अमर ज्योति चैरिटेबल ट्रस्ट के छात्रों के लिए अलग से व्हीलचेयर बास्केटबॉल के प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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