असम : समारोह में बांग्ला कवि सृजतो की मौजूदगी का विरोध

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असम के सिलचर में आयोजित एक साहित्यिक कार्यक्रम में बांग्ला कवि सृजतो बंद्योपाध्याय की मौजदूगी पर स्थानीय लोगों के एक समूह ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने रविवार को कहा कि स्थानीय लोग उनकी विवादास्पद कविताओं में से एक को लेकर नाराज थे। सिलचर में एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “लोग शनिवार को एक साहित्यिक सभा में एकत्र हुए थे और उन्होंने सृजतो की कविता की कुछ पंक्तियों के लिए स्पष्टीकरण की मांग की। कवि की सुरक्षा का ध्यान रखा गया।”

समारोह के अनुभव को साझा करते हुए सृजतो ने रविवार को कहा, “कई बाहरी लोग मंच पर इकठ्ठा हो गए और उन्होंने आयोजकों के साथ लड़ना शुरू कर दिया। वे होटल के बाहर नारेबाजी करने लगे। उन्होंने संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया। हम बाहर तक नहीं निकल सके।”

उन्होंने कहा कि हंगामा करने लोगों की पहचान कर पाना मुमकिन नहीं है, क्योंकि वे कोई झंडा या बैनर नहीं लिए हुए थे।

उनके मुताबिक, वे केवल एक ही चीज जानना चाहते थे कि कवि सृजतो को क्यों आमंत्रित किया गया और वे उनकी दो साल पुरानी विवादास्पद कविता के लिए स्पष्टीकरण मांग रहे थे। असम में भाजपा की सरकार है।

वर्ष 2017 में फेसबुक पर ‘अभिशाप’ शीर्षक से 12 पंक्तियों की एक कविता पोस्ट करने पर कवि सृजतो के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी।

एक हिंदूवादी दक्षिणपंथी समूह के सदस्य शिकायतकर्ता अर्नब सरकार ने उत्तरी पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी पुलिस आयुक्तालय के साइबर अपराध पुलिस थाने में कवि के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

बांग्ला कवि ने कहा, “मैंने पहले भी विरोध का सामना किया है, लेकिन ऐसी उम्मीद नहीं की थी कि यह मुद्दा फिर से भड़क जाएगा। इस मुद्दे को जानबूझकर सामने लाया जा रहा है और मौजूदा दिनों में जो लोग अपनी बात स्वतंत्र रूप से व्यक्त करते हैं, उन लोगों के लिए हालात बहुत बुरे साबित हो रहे हैं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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