आसिफ अली जरदारी की बहन गिरफ्तार

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पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) ने शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की बहन और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी पीपीपी की नेता फरयाल जालपुर को धनशोधन से संबंधित एक मामले में गिरफ्तार कर लिया।

जियो न्यूज के अनुसार, तालपुर की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब एनएबी ने पीपीपी के सह-अध्यक्ष जरदारी को इस सप्ताह के प्रारंभ में गिरफ्तार कर लिया था। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने जरदारी और तालपुर की अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी।

जरदारी की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष ने जोरदार प्रतिक्रिया जाहिर की और पीपीपी के कार्यकर्ताओं ने देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया, खासतौर से सिंध में।

जरदारी और तालपुर के पास और सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने का विकल्प है।

एनएबी चार ऐसे मामलों की जांच कर रहा है, जिनमें जरदारी और उनकी बहन प्रमुख आरोपी हैं। ये मामले दोनों नेताओं की निजी कंपनियों को हुए लाखों रुपये के लेनदेन से जुड़े हुए हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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