Asia-Pacific region पर्यटन उद्योग में सबसे तेजी से उबरने वाला क्षेत्र होगा

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हाल में विश्व पर्यटन शहर महासंघ द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में कुल वैश्विक पर्यटन राजस्व को 45 खरब अमेरिकी डॉलर में बहाल किया जाएगा, जो वर्ष 2019 के 70 प्रतिशत से अधिक तक जा पहुंचे, जिनमें एशिया-प्रशांत क्षेत्र में वृद्धि सबसे अधिक है। विश्व पर्यटन शहर महासंघ एक वैश्विक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन संगठन है। इस संगठन द्वारा प्रकाशित किया गया ‘2021 विश्व पर्यटन आर्थिक रुझान रिपोर्ट’ के अनुसार, वर्ष 2020 में महामारी की वजह से कुल वैश्विक पर्यटन राजस्व द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे न्यूनतम स्तर पर गिर गया। अनुमान है कि वर्ष 2021 में कुल वैश्विक पर्यटन राजस्व को 45 खरब अमेरिकी डॉलर में बहाल किया जाएगा, जिन में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में वृद्धि सबसे अधिक है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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