भारत में एलन मस्क के सपनों को साकार करने को तैयार अशोक लीलैंड

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टेस्ला के सीईओ एलन मस्क पिछले कुछ सालों से भारत में कारोबार करने का सपना संजोए हुए हैं और अब तक असमंजस की स्थिति में रहे हैं, मगर अब उनके सपनों को साकार करने के लिए भारतीय वाहन विनिर्माता कंपनी अशोक लीलैंड सामने आई है। उनको अशोक लीलैंड की ओर से यहां आने का आमंत्रण मिला है।

मस्क भारत को अपना बड़ा बाजार बनाना चाहते हैं। सवाल है कि क्या देसी उबड़-खाबड़ सड़कों पर विद्युत वाहन सरपट दौड़ पाएंगे।

अशोक लीलैंड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और चीफ डिजिटल ऑफिसर वेंकटेश नटराजन के अनुसार, भारत के लोगों को आखिरकार पथ-प्रवर्तक ऑटोनोमस टेस्ला इलेक्ट्रिक कार में सवारी करने का अनुभव दिलाने के लिए कंपनी मस्क के साथ साझेदारी करने को तैयार है।

नटराजन ने यहां देश की आर्थिक राजधानी में हाल ही में संपन्न हुए एडब्ल्यूएस इंडिया समिट के इतर आईएएनएस से बातचीत में कहा, “हम मस्क के ऑफर के लिए तैयार हैं। दरअसल, मेरा मानना है कि यह महज एक साझेदार के तौर पर भारत में इलेक्ट्रिक कार के सपनों में योगदान करने की बात नहीं है, बल्कि कई एजेंसियां हैं, जो इसमें शामिल हो सकती हैं। उस समूह में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी।”

नटराजन ने कहा, “मैं संगठन के दर्शन और संस्कृति की बात करता हूं। जब कभी हम नई प्रौद्योगिकी देखते हैं तो हम उसका इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं, जिस प्रकार छोटे बच्चे नए खिलौने देखकर उसके साथ प्रयोग करना चाहते हैं। हम वैसी प्रौद्योगिकी को अंगीकार करने के लिए तैयार हैं, जिसका हमारे ग्राहकों के लिए कुछ विशेष महत्व हो।”

हिंदुजा समूह की प्रमुख कंपनी का वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही में राजस्व 6,325 करोड़ रुपये रहा।

रेटिंग एजेंसी आईसीआर ने हाल ही में अशोक लीलैंड की फंड आधारित रेटिंग को अपडेट करके एए से बढ़ाकर एए-प्लस कर दिया। एजेंसी का मानना है कि मझौले व भारी व्यावसायिक वाहनों (एमएंडएचसीवी) सेगमेंट और हल्के व्यावसायिक वाहन (एलसीवी) सेगमेंट में मांग स्थिर रहने से अशोक लीलैंड की वित्तीय स्थिति दुरुस्त रहेगी।

भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी बस विनिर्माता कंपनी ने बताया कि उसके वाहनों की बिक्री अप्रैल 2019 में घरेलू बाजार में पिछले साल के मुकाबले 10 फीसदी बढ़कर 13,141 हो गई।

पिछले साल अप्रैल में कंपनी ने घरेलू बाजार में 11,951 वाहनों की बिक्री की थी।

नटराजन ने कहा, “आखिरकार, हमें अधिक पैसों की जरूरत है। हम पैसे बनाने के कारोबार में हैं। जब हम अधिक पैसे बनाने में समर्थ होंगे तभी हम अपने ग्राहकों को पैसे बनाने में मदद कर पाएंगे। इसलिए हम हर नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं।”

अशोक लीलैंड की पेशकश अवश्य ही मस्क के कानों के लिए सुखद खबर होगी। भारत में कारोबार की अपनी योजना पर 10 महीने की चुप्पी के बाद मस्क ने मार्च में ट्वीट के जरिए कहा कि 2019 में या अगले साल वह भारत में जाना पसंद करेंगे।

मस्क ने एक यूजर को ट्वीट करके कहा, “इस साल वहां होना पसंद करेंगे। अगर नहीं तो अगले साल निश्चित रूप से।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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