‘आरोग्य सेतु एप’ से होगा कोरोना के जोखिम का मूल्यांकन

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कोविड-19 के खतरे को देखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने यूजीसी, एआईसीटीई, एनसीटीई, एनआईओएस, एनसीईआरटी और केवीएस को इस कठिन समय में कैसे सुरक्षित रहें, इसका मंत्र देते हुए पत्र लिखा है। एचआरडी मंत्रालय के इन संगठनों को लिखे पत्र में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव अमित खरे ने कहा, “कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत सरकार ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत आरोग्य सेतु एप विकसित किया है। इस एप के माध्यम से लोग कोरोना संक्रमण से पीड़ित होने के जोखिम का मूल्यांकन करने में सक्षम होंगे। किसी व्यक्ति के अन्य लोगों के साथ संपर्क के आधार पर यह आकलन किया जाएगा और इसके लिए ब्लूटूथ तकनीक, एल्गोरिद्म और कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) का उपयोग किया जाएगा। यह एप छात्रों, शिक्षकों और उनके परिजनों के लिए सहायक होगा।”

इसके अलावा, यह भी बताया गया है कि आयुष मंत्रालय ने स्व-देखभाल को ध्यान में रखते हुए रोग-प्रतिरक्षा को बढ़ाने के उपायों के लिए एक प्रोटोकॉल विकसित किया है जो छात्रों, संकाय सदस्यों, शिक्षकों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।

पत्र में सुझाव देते हुए एमएचआरडी सचिव ने कहा, “3 अप्रैल को प्रधानमंत्री के अनुरोध के अनुसार छात्र 5 अप्रैल को 9 बजे रात्रि में 9 मिनट के लिए एक मोमबत्ती, दीया या मशाल जलाएं। इसका उद्देश्य प्रकाश की शक्ति का अनुभव करना और उस उद्देश्य को रेखांकित करना है, जिसके खिलाफ हम सब साथ मिलकर लड़ रहे हैं। हालांकि इस दौरान किसी को भी कॉलोनियों में, सड़क पर या अपने घरों से बाहर कहीं भी इकट्ठा नहीं होना चाहिए।

एमएचआरडी सचिव अमित खरे ने इसके साथ ही इग्नू, एनआईओएस, नवोदय विद्यालय समेत अन्य शिक्षण संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए चार विशेष अधिकारियों को तैनात किया है। यह अधिकारी इन संस्थानों और छात्रों से संपर्क बनाएंगे। साथ ही इन शिक्षण संस्थानों को व्हाट्सएप के जरिए आवश्यक सूचनाएं प्रदान की जाएंगी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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