सेना प्रमुख ने LOC पर सर्दियों के लिए तैयारियों की समीक्षा की

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भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवने ने गुरुवार को नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सैनिकों की तैनाती और परिचालन (ऑपरेशनल) तैयारियों की समीक्षा की। नरवने वर्तमान में जम्मू एवं कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने कश्मीर घाटी में चिनार कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बी.एस. राजू से मुलाकात करके घाटी में और एलओसी पर मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।

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जनरल नरवने ने नियंत्रण रेखा पर कठोर परिस्थितियों और दुर्गम इलाकों में तैनात सैनिकों के लिए सर्दियों की तैयारियों की भी जांच की।

उन्होंने पाकिस्तान द्वारा किए गए लगातार संघर्ष विराम उल्लंघन पर भी चर्चा की।

इस साल जुलाई महीने तक घाटी में 2662 संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जबकि पिछले साल 3,168 और 2018 में 1,629 संघर्ष विराम उल्लंघन के मामले दर्ज किए गए थे। इस साल जुलाई तक कुल 120 आतंकवादी-संबंधित मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं पिछले साल इसी अवधि के दौरान (जनवरी से जुलाई के बीच) 188 मामले सामने आए थे।

जुलाई तक, 35 सुरक्षाकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान अपनी शहादत दी है और पिछले साल इसी अवधि के दौरान 75 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे।

इस महीने की शुरुआत में जनरल नरवने ने लद्दाख का दौरा किया और चीन के साथ सीमा पर तनाव के बीच परिचालन तैयारियों की समीक्षा की। सेना प्रमुख ने चीनी सेना के प्रयासों को विफल करने की रणनीति के बारे में स्थानीय कमांडरों के साथ विस्तृत चर्चा की।

वह आगे के स्थानों पर भी गए और सैनिकों से बातचीत की।

दोनों देशों की सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर पिछले चार महीने से गतिरोध बना हुआ है। कई स्तरों के संवाद के बावजूद कोई सफलता नहीं मिली है और गतिरोध जारी है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

 

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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