अर्जुन अवॉर्डी पहलवान कृपाशंकर राष्ट्रीय मीडिया रत्न पुरस्कार के लिए चुने गए

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अर्जुन अवॉर्ड और विक्रम पुरस्कार जीत चुके इंटरनेशनल पहलवान कृपाशंकर बिश्नोई को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय मीडिया रत्न’ पुरस्कार 2019 के लिए नामांकित किया गया है।

मध्यप्रदेश के निवासी कृपाशंकर ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाने के अलावा सुपरहिट फिल्म दंगल के लिए सुपरस्टार आमिर खान को प्रशिक्षित किया था। बिश्नोई इसके अलावा इंटरनेशनल रेफरी और महिला कुश्ती टीम के कोच के तौर भी सेवाएं दे चुके हैं।

राष्ट्रीय मीडिया रत्न पुरस्कार प्रत्येक वर्ष ग्राउंड जीरो पर कार्य करने वाले पत्रकारों व मीडिया कर्मियों की ओर से उन लोगों को दिया जाता है, जो पत्रकारों व मीडिया कर्मियों के बीच हमेशा रहते हैं और उन्हें अपना कार्य करने में हर संभव सहयोग देते हैं।

राष्ट्रीय मीडिया रत्न पुरस्कार समिति की अध्यक्ष रेहाना परवीन ने बताया की प्रेस क्लब द्वारा दिए जाने वाले राष्ट्रीय मीडिया रत्न 2019 पुरस्कार के लिए भी सभी नामों की घोषणा कर दी गई है। इस पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन 21 सितम्बर को नई दिल्ली में होगा।

बिश्नोई न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में उन पहलवानों में गिने जाते हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया में सफलता के झंडे गाड़े हैं। बिश्नोई ने अनगिनत अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिताओं में भाग लिया और कुश्ती के क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन देकर अब तक 11 स्वर्ण, 8 रजत और 5 कांस्य पदक जीते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर, उन्होंने अपनी जेब में 25 स्वर्ण, 11 रजत और 7 कांस्य पदक जीतकर एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। वह विभिन्न कुश्ती शैलियों (फ्री स्टाइल और ग्रीको-रोमन शैली) में एकल प्रतियोगिता में दो स्वर्ण जीतने वाले दुनिया के पहले पहलवान बने थे। यह उपलब्धि 2005 कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान हासिल की गई थी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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