अर्जेंटीना में Sinoform vaccine के आपात इस्तेमाल को मिली मंजूरी

0

अर्जेंटीना में चीन की साइनोफार्म कंपनी की कोरोना वैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दे दी गयी है। अर्जेंटीना के नए स्वास्थ्य मंत्री कार्ला बिसोती ने 21 फरवरी को इससे जुड़े प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए। अर्जेंटीना के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि क्लिनिकल परीक्षण से साबित हुआ है कि साइनोफार्म की वैक्सीन सुरक्षित और कारगर है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस चीनी वैक्सीन को टीका लगाने की योजना में शामिल करने का फैसला किया है।

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति फर्नांडीज ने कहा कि अब तक अर्जेंटीना में 7 लाख से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन लगायी गयी है, जिनमें 4 लाख से ज्यादा लोगों को दो टीके लगाए गए हैं। आने वाले दिनों में अधिक वैक्सीन पहुंचने पर टीका लगाने का काम तेज होगा।

न्श्रयूज सत्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleCongress: पुड्डुचेरी में सरकार गिरने से घटी कांग्रेस बची खुची साख
Next articleRealme GT 5G अगले महीने होगा लॉन्च, जिसमें सार्वजनिक डिजाइन की विशेषता है
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here