कुत्ते जितना ही सूंघ सकती है इंसान की नाक, जानिए यह सनसनीखेज खुलासा

अमेरिका के न्यू जर्जी की रतगर्स यूनिवर्सिटी के एक वैज्ञानिक का कहना है कि इंसान की सूंघने की शक्ति कुत्ते, चूहे व अन्य जानवरों से कम नहीं होती

0
101
A smell moving towards a human nose

जयपुर। अब तक यही माना जाता रहा है कि इंसान के सूंघने की क्षमता किसी भी जानवर से कम ही होती है। वैसे तो हम सब अच्छी तरह से जानते है कि कुत्ते की तरह सूंघने की नायाब क्षमता किसी में भी नहीं पाई जाती है। यही वजह है कि किसी भी चीज का उसकी गंध के जरिए पहचानने के लिए केवल कुत्तों का ही प्रयोग किया जाता है। लेकिन हाल ही में एक सनसनीखेज अध्ययन से यह पता चला है कि इंसानी नाक भी किसी कुत्ते की नाक से कमतर नही होती है।

इस लेख को भी देख लीजिए:- अंटार्कटिका में खास तकनीक की मदद से उगाई गई हरी सब्जियां

हालांकि अब तक यही माना जाता रहा है कि इंसान के सूंघने की ताकत जानवरों के मुकाबले काफी कम होती है। मगर अमेरिका की न्यू रतगर्स यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक इस बात से कतई इत्तेफाक नहीं रखते हैं। इस नए शोध से यह पता चला है कि इंसानी नाक की क्षमता किसी भी जानवर के कम नहीं होती है। न्यूरोसाइंटिस्ट जॉन पी मैकगैन की माने तो यह केवल एक मिथक ही था, जो अब जाकर टूटा है।

इस लेख को भी देख लीजिए:- विलक्षण प्रतिभा के धनी थे यह वैज्ञानिक, जिन्होंने प्रोटीन की संरचना…

वैज्ञानिक बताते हैं कि कुत्तों की तरह ही इंसानी नाक में भी सूंघने में काफी अच्छी काबिलियत होती है। मगर इस बारे में कभी ध्यान ही नहीं दिया गया। दरअसल इस मिथक की शुरूआत 19वीं सदी में एक फ्रेन्च फिजिशन पॉल ब्रोका ने की थी। पॉल इंसानी दिमाग पर शोध करते थे और वह अपने प्रयोगों से यह बताते थे कि इंसान किस तरह से जानवरों से अलग है।

दरअसल पहले यह तर्क दिया जाता रहा है कि जानवरों के दिमाग में मौजूद बड़े ऑलफैक्टरी बल्ब उन्हें दूर तक और ज्यादा सूंघने में मदद करते है, मगर अब यह बात एक मिथक साबित हुई है। वही बाकी के वैज्ञानिकों ने  भी आंखें मूंदकर इस बात को बिना जांच पड़ताल से ऐसे ही मान लिया। आपको जानकर हैरानी होगी कि कुत्तों की तरह हम भी खुशबू के पीछे पीछे अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here