अनुराग कश्यप ने प्रधानमंत्री को बताया ‘अर्बन नाजी’

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अनुराग कश्यप ने प्रधानमंत्री को बताया ‘अर्बन नाजी’अनुराग कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘अर्बन नाजी’ कहकर बुलाया है। फिल्मकार अनुराग कश्यप ने ट्विटर पर अपनी अभिव्यक्ति व्यक्त करते हुए लिखा, “मोदी हैशटैगअर्बननाजी हैं।”

उन्होंने एक यूजर के ट्वीट को रीट्वीट किया जिसमें लिखा था, “रामलीला मैदान में मोदी को भाषण देते हुए सुनिए, यह एक ऐसी व्यक्ति की भाषा और हताशा है जिन्हें पता है कि उन्होंने एक बहुत बड़ा कांड किया है, लेकिन वह इतने दंभी हैं कि वह इसे स्वीकार नहीं पा रहे हैं। यह भाषा किसी प्रधानमंत्री की तो नहीं थी, बल्कि एक ऐसे इंसान की थी जो कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सका।”

फिल्मकार द्वारा रीट्वीट किए एक अन्य ट्वीट में कहा गया, “रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री का भाषण पूरी तरह से चौंकाने वाला है। वह कहते हैं कि एनआरसी की योजना अभी तक नहीं बनाई गई है, लेकिन अमित शाह को यह कहते हुए कई बार सुना गया है। प्रधानमंत्री कहते हैं कि कोई नजरबंदी केंद्र नहीं है, लेकिन यह पहले से ही है। एक इंसान इतना सफेद झूठ कैसे बोल सकता है?”

रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में भाषण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था, “मोदी का पुतला जलाओ, लेकिन सार्वजनिक सम्पत्ति को मत जलाओ। अगर आप चाहते हैं तो मुझसे नफरत करें, लेकिन देश से नफरत मत करें। मेरा पुतला जलाओ, लेकिन गरीब आदमी के ऑटो-रिक्शा को मत जलाओ।”

इस भाषण पर तंज कसते हुए अनुराग कश्यप ने सोमवार की सुबह एडोल्फ हिटलर के एक वीडियो को साझा किया है, जहां वह कहते हैं, “मैं जानता हूं कि कौन मुझसे नफरत कर रहा है। मुझसे घृणा करना आपकी इच्छा है, लेकिन जर्मनी से नफरत ना करें।”

इस वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा है, “मुझसे नफरत करो, लेकिन भारत से मत करो-बेचारे हमारे प्रधानमंत्री हैशटैगअर्बननाजी।”

उन्होंने रविवार शाम को हिंदी में एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने कहा, “पीएम साहब, पुलिस वाले लोगों को मार रहे हैं हर जगह, लोग या तो खुद के लिए लड़ रहे हैं या भाग रहे हैं। 25-26 मार चुके हैं। इतना अंधा होना भी ठीक नहीं। हो सके तो एक अच्छे आंख के डॉक्टर को दिखा लो और थोड़ा उनके लिए भी बोल लो जो वाकई मरे हैं। बाकी झूठ बोलना बंद करो।”

न्यूज स्त्रेात आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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