Nitu Kapoor से मिलकर भावुक हुए Anupam Kher

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दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर का कहना है कि दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर के बिना अभिनेत्री नीतू कपूर से मिलकर वह काफी ज्यादा भावुक हो गए। दोनों की मुलाकात चंडीगढ़ में हुई, जहां नीतू अपनी अगली फिल्म ‘जुग जुग जियो’ की शूटिंग कर रही हैं। अपनी इस मुलाकात के बाद अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “आखिरी रात ऋषि जी के बिना आपसे हुई मुलाकात ने न्यूयॉर्क में हमारी कई यादों को ताजा कर दिया। साथ में बहाए गए हमारे आंसुओं ने उस पल को और भी ज्यादा मजबूत बना दिया। ये तस्वीरें याद दिलाती हैं कि चिंटू कितने जिंदादिल इंसान थे।”

उन्होंने आगे लिखा, “मैं बहुत खुश हूं कि आप काम कर रही हैं। ऐसा कर आपने उन्हें सबसे खुशहाल इंसान बना दिया है। हम, आपके दोस्त हमेशा आपके साथ हैं। याद रखिए ‘कुछ रिश्ते टेप रिकॉर्डर के पॉज बटन जैसे होते हैं, ये हमेशा वहीं से शुरू होते हैं, जहां से आपने छोड़ा रहता है।”‘

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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