एंटोनियो गुटेरेस ने जलवायु परिवर्तन समझौते को लेकर मोदी का आभार जताया

0
76

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ग्रीनहाउस उत्सर्जन कम करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने में भारत का योगदान बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, “जब गुरुवार रात को ब्यूनस आयर्स में दोनों की मुलाकात हुई तो दोनों के बीच आगामी संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन कॉन्फ्रेंस (सीओपी24) और पेरिस समझौते को पूरा करने के महत्व पर चर्चा हुई।”

स्टीफन ने कहा, “महासचिव न पेरिस समझौते में भारत के योगदान को बढ़ाने में मोदी का आभार भी जताया।” संयुक्त राष्ट्र जलावयु कॉन्फ्रेंस का 24वां दौर रविवार को पोलैंड में होगा। इसे सीओपी24 के नाम से भी जाना जाता है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleगीली पैंट में बेटी को घर ले जाने स्कूल पहुँचा पिता, देखते ही लोग समझ गए पूरा माजरा…
Next articleएयरटेल दे रहा हैं 90 जीबी डाटा 90 दिन के लिए एकदम फ्री
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here