देश-विरोधी ताकतें उठा सकती हैं मौके का फायदा

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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल के आवास पर हुई अंतर-धार्मिक बैठक में मौजूद लोगों ने आम सहमति से यह बात स्वीकारी कि अयोध्या विवाद मामले में फैसला आने के बाद देश के भीतर और बाहर की देश विरोधी ताकतें मौके का फायदा उठा सकती हैं। पड़ोसी मुल्क का नाम लिए बिना यह बात पाकिस्तान के संदर्भ में कही गई।

बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा गया कि बैठक में शामिल लोग इस तथ्य से अवगत हैं कि कुछ देशद्रोही और दुश्मन जो देश के भीतर और बाहर हैं, वे हमारे राष्ट्रहित को नुकसान पहुंचाने के लिए मौके का फायदा उठा सकते हैं।

बयान के मुताबिक, धार्मिक नेताओं ने सद्भावना दिखाते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने में सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों में पूरा सहयोग करने का संकल्प लिया।

डोभाल द्वारा उनके आवास पर विभिन्न धर्मो के धार्मिक नेताओं की बैठक के बाद यह बयान जारी किया गया। अयोध्या विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर हिंदू और मुस्लिम धर्मो के प्रख्यात धार्मिक नेताओं और बुद्धिजीवियों ने डोभाल के साथ बातचीत की।

बैठक में मौजूद लोगों ने कानून और भारत के संविधान में पूरी आस्था जाहिर करते हुए सरकार को सांप्रदायिक सद्भाव और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरा सहयोग करने का वचन दिया।

बयान के अनुसार, “नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए देशवासियों से इसका अनुपालन करने की अपील की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है।”

धार्मिक नेताओं ने कहा कि देश के करोड़ों लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को स्वीकार करने में जिम्मेदारी की भावना का इजहार किया है।

बयान के अनुसार, धार्मिक नेताओं ने विभिन्न धर्मो के लोगों के बीच लगातार बातचीत जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में शनिवार को विवादित 2.77 एकड़ जमीन का मालिकाना हक हिंदुओं को प्रदान किया और मुस्लिमों को अयोध्या में किसी अन्य जगह पांच एकड़ जमीन मुहैया करवाने का आदेश दिया।

इस आदेश से राम मंदिर के निर्माण का मार्ग सुगम बन गया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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