रोमानिया में सरकार विरोधी प्रदर्शन, 440 लोग घायल

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यहां बुचारेस्ट में सरकार के भ्रष्टाचार के विरुद्ध पूरी रात चले प्रदर्शन में 24 पुलिस अधिकारियों समेत 440 लोग घायल हो गए, जिसके बाद शनिवार को यहां आपात सेवा की घोषणा कर दी गई। समाचार एजेंसी एफे की रपट के मुताबिक, रोमानिया की राजधानी में भ्रष्टाचार और सरकार के महत्वपूर्ण चेहरों के इस्तीफे की मांग को लेकर जुटे 11,000 लोगों पर पुलिस ने आंसू गैस, पानी की बौछारों और लाठी का इस्तेमाल किया, जिसके बाद कम से कम 65 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

राष्ट्रपति क्लाउस जोहान्निस ने कहा कि पुलिस ने बहुत ही निर्दयता से कार्य किया। हालांकि सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि यह राज्य हिंसा थी और वे लोग केवल हमले पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। प्रदर्शनकारी संसद अध्यक्ष लिवियु ड्रेगनिया और प्रधानमंत्री विओरिका डानसिला के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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