Andhra CM ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री शेखावत को पोलावरम आने का न्योता दिया

0

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के साथ मुलाकात की और उन्हें पोलावरम परियोजना का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने शेखावत से पोलावरम परियोजना के हिस्से के रूप में राज्य को देय प्रतिपूर्ति के तौर पर 4,000 करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया।

उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से पोलावरम परियोजना में पुनर्वास सहायता में तेजी लाने का भी अनुरोध किया।

रेड्डी गृह मंत्री अमित शाह से मिलने से पहले शेखावत से मिले और दक्षिण भारतीय राज्य में सिंचाई परियोजनाओं पर चर्चा की।

शेखावत ने रेड्डी को 2021 तक पोलावरम परियोजना को पूरा करने में सहयोग देने का वादा किया।

शेखावत से मुलाकात के दौरान रेड्डी के साथ राज्यसभा सदस्य विजय साई रेड्डी और अन्य भी मौजूद थे।

न्यूज स्त्रोत आइएएनएस

SHARE
Previous articleFarm bill 2020: कृषि बिल के विरोध में उतरे नवजोत सिद्धू, पंजाब में प्रदर्शन तेज
Next articleDiabetes disease:शरीर को डायबिटीज से बचाने के लिए, इन लक्षणों का रखें खास ध्यान
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here