Amitabh ने मिस्टर नटवरलाल के सेट से साझा की पुरानी तस्वीर

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बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने मंगलवार को अपनी 1979 की फिल्म मिस्टर नटवरलाल के सेट से खुद की एक ब्लैक एंड व्हाइट फोटो शेयर की, जिसमें ऋतिक रोशन चार या पांच साल के युवा लड़के के रूप में नजर आ रहे हैं। तस्वीर में, अमिताभ बच्चन फिल्म के संगीत निर्देशक राजेश रोशन और एक युवा ऋतिक के साथ दिखाई दे रहे हैं। बिग बी ने एक्शन कॉमेडी फिल्म के सांग ‘मेरे पास आओ मेरे दोस्तों’ को याद किया।

बच्चन ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “पहला गाना, जो मैंने फिल्म मिस्टर नटवरलाल के लिए गाया..’मेरे पास आओ मेरे दोस्तो’। संगीत की रिहर्सल म्यूजिक डायरेक्टर राजेश रोशन के साथ..और बेंच पर बैठे छोटे ऋतिक रोशन, जिन्हें ‘पलटी मार के’ में देखा गया है।

इस फिल्म में राकेश कुमार के निर्देशन में रेखा, कादर खान और अमजद खान ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। फिल्म का एक बड़ा हिस्सा कश्मीर में शूट किया गया था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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