अमिताभ बच्चन ने एक शॉट में किया 14 मिनट का लंबा सीन

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मेगास्टार अमिताभ बच्चन को बॉलीवुड का बिग बी यूं ही नहीं कहा जाता है, इसके कई सारे कारण हैं। फिल्म ‘चेहरे’ के लिए उन्होंने 14 मिनट लंबे एक टेक को एक ही शॉट में पूरा कर लिया और अपनी प्रतिभा से फिल्म की टीम से जुड़े सभी सदस्यों को हैरत में डाल दिया। फिल्म के निर्माता आनंद पंडित ने इसके लिए अपने दोस्त अमिताभ की सराहना की है।

पंडित ने एक बयान में कहा, “मेरा ऐसा मानना है कि मैं एक ऐसी फिल्म का हिस्सा बनकर धन्य हूं जिसमें यह ऐतिहासिक दृश्य है। चौदह मिनट का लंबा शॉट देना न केवल मुश्किल है बल्कि इसके लिए एक अलग तरह के समर्पण की जरूरत है और अमित जी ने इसे बेहद ही निपुणता के साथ किया। सेट पर माहौल बिल्कुल शांत था जिसके बाद तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। वह महान हैं और हम सभी के लिए एक प्रेरणा हैं।”

‘चेहरे’ एक रहस्य रोमांच फिल्म है जिसमें अमिताभ बच्चन और इमरान हाशमी मुख्य भूमिकाओं में हैं। रूमी जाफरी फिल्म की निर्देशक हैं और आनंद पंडित मोशन पिक्चर्स और सरस्वती एंटरटेनमेंट प्राईवेट लिमिटेड इसके निर्माता हैं।

साउंड आर्टिस्ट रेसुल पूकुट्टी ने भी बिग बी के काम की सराहना की।

16 जून को उन्होंने ट्वीट किया, “आज अमिताभ बच्चन ने भारतीय सिनेमा में एक और इतिहास की रचना की। आखिरी दिन, ‘चेहरे’ के पहले शेड्यूल का आखिरी शॉट..उन्होंने एक ही शॉट में चौदह मिनट लंबा सीन कर दिखाया और पूरे क्रू ने खड़े होकर तालियां बजाई! डियर सर, निसंदेह आप संसार में सर्वश्रेष्ठ व्यक्तियों में से एक हैं।”

इस पर अमिताभ ने कहा, “रेसुल..जितने का मैं हकदार हूं या जितनी मेरी योग्यता है आपने उससे कहीं अधिक श्रेय मुझे दिया है।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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