अमित शाह के पास कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के लिए कोई सुलह प्रस्ताव नहीं?

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जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के दावे के बावजूद कि अलगाववादी हुर्रियत नेता वार्ता के लिए तैयार हैं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्य के बुधवार से हो रहे अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान उन्हें कोई सुलह का प्रस्ताव देने की संभावना नहीं हैं। यह जानकारी सूत्रों ने दी है। अमित शाह का जम्मू एवं कश्मीर पहुंच चुके हैं।

सूत्रों ने यह भी कहा कि मलिक व केंद्रीय गृह मंत्रालय कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के साथ वार्ता के संदर्भ में एकमत नहीं हैं।

सूत्रों ने कहा कि मलिक, केंद्र और अलगाववादियों के बीच बातचीत पर गतिरोध को तोड़ने के पक्षधर हैं, या कम से कम वह निकट भविष्य में ऐसी संभावना के पक्षधर हैं।

शीर्ष सूत्रों ने कहा, “प्रधानमंत्री कार्यालय व गृह मंत्रालय की इस वार्ता को लेकर पूरी तरह से अलग राय है।”

शाह के करीबी सूत्रों के अनुसार, शाह अलगाववादियों के साथ बातचीत के मोर्चे पर कुछ नहीं करेंगे।

एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, “शाह अलगाववादी नेतृत्व से हाथ मिलाने के बजाय अलगाववादी हिंसा से लड़कर शांति लाने पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करेंगे, जिससे यह छाप छोड़ी जा सके कि दिल्ली की मौजूद राजनीतिक व्यवस्था पहले की व्यवस्थाओं से अलग है।”

मलिक आतंकवाद की कमर तोड़ने के साथ ही अलगाववादियों के साथ खुले तौर पर बातचीत के भी समर्थक रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र में भाजपा सरकार की छवि से यह मेल नहीं खाता है, जिसे सभी अलगाववादी आकांक्षाओं से मजबूती व बिना समझौता किए निपटने का भारी जनादेश मिला है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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