अमित शाह व ममता बनर्जी ने एक साथ किया लंच

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राजनीतिक मुद्दों पर अक्सर एक-दूसरे पर तीखा हमला बोलने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुक्रवार को एक ही मेज पर दोपहर का भोजन (लंच) करते नजर आए। कड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी शाह व ममता ने ओडिशा के भुवनेश्वर में एक साथ खाना खाया। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी लंच किया। यह लंच पटनायक द्वारा उनके आवास पर आयोजित किया गया था।

जब सभी नेताओं की एक साथ खाना खाते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की जाने लगीं तो लोगों ने तरह-तरह के व्यंग्य व कटाक्ष भी किए।

अमित शाह की अध्यक्षता में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद (ईजेडसी) की 24वीं बैठक भुवनेश्वर में चल रही थी, जिसके बाद सभी नेताओं की मुलाकात हुई। यह पहला मौका था, जब विवादास्पद नागरिकता संशोधन अधिनियम बन जाने के बाद इन नेताओं की मुलाकात हुई।

इस लंच के बारे में पटनायक ने ट्वीट कर जानकारी भी दी।

इससे इतर गृह मंत्री शाह ने भुवनेश्वर के जनता मैदान में नागरिकता कानून के पक्ष में एक रैली को भी संबोधित किया। नागरिकता कानून पर दिल्ली में भड़की हिंसा के बाद शाह ने फिर दोहराया कि यह कानून नागरिकता लेने का नहीं, बल्कि देने का है।

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा यह कानून सिर्फ मानव अधिकारों की रक्षा के लिए लाया गया है। इस मौके पर अमित शाह ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और वाम दलों के साथ ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी जोरदार हमला बोला।

उन्होंने कहा कि ये सभी नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध कर रहे हैं और झूठ के साथ ही हिंसा फैलाने का काम भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम नागरिकता संशोधन अधिनियम में एक भी मुस्लिम या अल्पसंख्यक व्यक्ति की नागरिकता नहीं जाने देंगे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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