अमेरिकी युद्धपोत दक्षिण चीन सागर द्वीपों के पास से गुजरे

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अमेरिका ने सोमवार को अपने दो युद्ध पोतों को दक्षिण चीन सागर में विवादित द्वीपों के समीप से गुजारा। इस कदम से चीन की नाराजगी बढ़ना तय है। अमेरिकी नौसेना के 7वें बेड़े के एक प्रवक्ता ने सीएनएन से कहा, “निर्दिष्ट-मिसाइल विध्वंसक यूएसएस स्प्रूएंस व यूएसएस प्रेबल स्प्रैटली द्वीपों से 12 नॉटिक मील की दूरी से गुजरे। यह अमेरिकी नौसेना के ‘फ्रीडम ऑफ नेविगेशन ऑपरेशन’ का हिस्सा है।”

उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन को अतिरेक भरे समुद्री दावों को चुनौती देने व अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत जलमार्गो तक पहुंच को संरक्षित करने के लिए अंजाम दिया गया।

कमांडर ने कहा, “सभी ऑपरेशन अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार चलाए जा रहे हैं और इसका मतलब यह है कि जहां भी अंतर्राष्ट्रीय कानून अनुमति देते हैं, वहां अमेरिका उड़ान भरेगा और युद्धपोतों को चलाएगा।”

दक्षिण चीन सागर में सोमवार को यह इस साल दूसरा ऑपरेशन किया गया।

विध्वंसक यूएसएस मैक्कैंपबेल, पारासेल द्वीप समूह से 12 नॉटिकल मील की दूर से गुजरा था।

ऑपरेशन के कुछ देर बाद चीन ने अमेरिका पर अपनी समुद्री सीमा में अतिक्रमण का आरोप लगाया और कहा कि उसने मध्यम व बड़े जहाजों को लक्ष्यित करने में सक्षम मिसाइल तैनात किए हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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