अमेरिका : ट्रंप के पूर्व सलाहकार जॉर्ज पापाडोपोलस को जेल

0
107

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व सलाहकार जॉर्ज पापाडोपोलस को 14 दिन की जेल की सजा सुनाई गई है। लंदन के पब में उनकी टिप्पणी के बाद 2016 अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस की कथित दखल की जांच शुरू हुई थी।

बीबीसी ने बताया, 31 वर्षीय जॉर्ज पापाडोपोलोस ने वाशिंगटन में अदालत को बताया कि वह ‘देशभक्त अमेरिकी’ हैं और उन्होंने झूठ बोलकर गलती की।

उन्हें मॉस्को के लिए कथित तौर पर हुई बैठकों के समय के बारे में एफबीआई को झूठ बोलने के लिए पिछले साल अक्टूबर में दोषी ठहराया था।

वह 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी साजिश की जांच में गिरफ्तार किए गए ट्रंप के पहले पूर्व सहयोगी है।

पापडोपोलोस को शुक्रवार को सुनाई गई सजा में 12 महीने की पर्यवेक्षित रिहाई, 200 घंटे की सामुदायिक सेवा करने और 9,500 अमेरिकी डॉलर का जुमार्ना भरने के लिए भी कहा गया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleसेंसेक्स में 0.66 फीसदी, निफ्टी में 0.78 फीसदी की गिरावट (साप्ताहिक समीक्षा)
Next articleबतौर कलाकार बहुत कुछ सीखा : हुमा कुरैशी
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here