अमेरिका को अपने पादरी को तुर्की से रिहा कराने का विश्वास

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अमेरिकी अधिकारियों को लगता है कि वे तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यप एर्दोगन के खिलाफ तख्तापलट की साजिश रचने के आरोप में जेल भेजे गए अमेरिकी पादरी एंड्रयू ब्रनसन को रिहा कराने की उनकी कोशिश सफल होने वाली है। एक विश्वस्त सूत्र ने गुरुवार को सीएनएन को बताया कि अमेरिकी अधिकारी अपने तुर्की समकक्षों से किए उस समझौते के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं जो ब्रनसन के शुक्रवार को तुर्की की अदालत में पेश होने से पटरी पर है।

अदालत अगर ब्रनसन पर से नजरबंदी हटाने का आदेश देती है और उनके यात्रा करने पर प्रतिबंध नहीं लगाती है तो वे देश छोड़ने के लिए आजाद हो जाएंगे। दोषी पाए जाने पर उन्हें 35 साल तक की कैद की सजा सुनाई जा सकती है।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने हालांकि गुरुवार को ब्रनसन के रिहा होने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, “मैं यह सुनिश्चित करने वाला कोई नहीं हूं, मैं सिर्फ यह कह सकता हूं कि राष्ट्रपति ने स्पष्ट कर दिया है, हमारी सरकार ने बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पादरी एंड्रयू ब्रनसन रिहा नहीं होते और अपने परिवार समेत अमेरिका स्थित अपने घर नहीं लौटते, हम अपनी बात पर अड़े रहेंगे।”

गुरुवार को ही विदेश विभाग प्रवक्ता हीदर नॉर्ट ने कहा, “मुझे ऐसे किसी समझौते की जानकारी नहीं है, हमें कुछ नहीं पता। कल (शुक्रवार को) एक सुनवाई होने वाली है। यह कानूनी प्रक्रिया है।”

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रनसन 2016 से जेल में हैं और इसके बाद तुर्की और अमेरिका के रिश्तों में खटास पैदा हो गई है।

ट्रंप ने अगस्त में कहा था कि तुर्की ने दोस्त वाला काम नहीं किया है और उन्होंने पादरी पर जासूसी करने के अभियोग लगाए हैं जबकि वह जासूस नहीं हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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